देहरादून में विकास कार्य अब डिजिटल निगरानी में, अभियंता होंगे सीधे जिम्मेदार

नगर निगम देहरादून का आदेश- बिना GPS फोटो और प्रमाण पत्र के विकास कार्य का आगणन और भुगतान नहीं होगा


देहरादून। नगर निगम देहरादून में निर्माण एवं विकास कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नगर आयुक्त ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। नए आदेश के तहत अब किसी भी विकास कार्य के आगणन के साथ कार्य स्थल की जीपीएस लोकेशन वाले फोटो और संबंधित अभियंता का प्रमाण पत्र लगाना अनिवार्य होगा। अन्यथा आगणन स्वीकार नहीं होगा और भुगतान भी नहीं किया जाएगा।

नगर आयुक्त ने कहा कि अक्सर यह देखा जा रहा था कि आगणन के साथ कार्य शुरू होने से पहले के फोटो और अभियंता का आवश्यकता प्रमाण पत्र नहीं लगाया जाता था। इससे एक ही कार्य के विभिन्न विभागों द्वारा प्रस्तावित होने और कार्यों के दोहराव की संभावना बनी रहती थी। साथ ही सार्वजनिक धन के सही उपयोग का आकलन करना भी मुश्किल हो जाता था।

इसी को ध्यान में रखते हुए अब हर निर्माण कार्य के लिए विस्तृत दस्तावेज लगाना जरूरी कर दिया गया है। आदेश के अनुसार आगणन के साथ कार्य शुरू होने से पहले के स्पष्ट फोटो, अवर अभियंता या सहायक अभियंता द्वारा जीपीएस लोकेशन के साथ खींचा गया फोटो, कार्य की आवश्यकता और औचित्य का प्रमाण पत्र देना होगा। इसी तरह कार्य पूरा होने के बाद भी उसी दिशा से फोटो लेकर लगाना होगा ताकि पहले और बाद की स्थिति का तुलनात्मक सत्यापन हो सके।

नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि इसका उद्देश्य विकास कार्यों की निगरानी को प्रभावी बनाना और हर कार्य का डिजिटल व भौतिक रिकॉर्ड तैयार करना है। इससे स्वीकृति प्रक्रिया पारदर्शी होगी और अनियमितताओं की संभावना कम होगी। आदेश में यह भी कहा गया है कि यदि निर्धारित दस्तावेज संलग्न नहीं किए गए तो संबंधित अभियंता व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे।

उन्होंने सभी अधिकारियों और अभियंताओं को निर्देश दिए हैं कि इन आदेशों का समयबद्ध और पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करें। ताकि नगर निगम द्वारा कराए जा रहे सभी विकास कार्य पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण और जनहित में हो सकें।

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