

देहरादून। उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं मुख्य प्रवक्ता धीरेंद्र प्रताप ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का स्वागत करते हुए इसे आंदोलनकारी छात्रों और नौजवानों की बड़ी जीत बताया है। उन्होंने कहा कि यह फैसला देर से लिया गया, लेकिन सही दिशा में उठाया गया कदम है।
धीरेंद्र प्रताप ने कहा कि नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं और उससे जुड़े घटनाक्रम में जान गंवाने वाले छात्र-छात्राओं के परिवारों को ₹1 करोड़ का मुआवजा दिया जाना चाहिए। उन्होंने इस पूरे मामले में अपनी वर्दी का दुरुपयोग करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की मांग की।
उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन को दबाने और लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन करने का प्रयास किया गया, लेकिन इसके बावजूद छात्र-छात्राएं, नौजवान और कांग्रेस कार्यकर्ता संघर्ष के मैदान में डटे रहे। उन्होंने इसे लोकतंत्र की रक्षा के लिए लड़ने वाले लोगों की जीत बताया।
धीरेंद्र प्रताप ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा तथा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की सराहना करते हुए कहा कि पार्टी नेतृत्व ने पूरे आंदोलन के दौरान सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने उत्तराखंड के लोगों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं को भी आंदोलन में बढ़-चढ़कर भागीदारी के लिए बधाई दी।
उन्होंने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल, वरिष्ठ नेता हरक सिंह रावत, यशपाल आर्य और प्रीतम सिंह के नेतृत्व की भी प्रशंसा करते हुए कहा कि राज्य के नेताओं ने जनता की आवाज को मजबूती से उठाया। धीरेंद्र प्रताप ने विश्वास व्यक्त किया कि इसी नेतृत्व में कांग्रेस वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को कड़ी चुनौती देगी।

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