

देहरादून। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के निर्देश पर जनपद में चीनी के बढ़ते मूल्यों पर नियंत्रण के लिए जिला प्रशासन ने संयुक्त निरीक्षण और छापेमारी अभियान चलाया। इस अभियान का उद्देश्य बाजार में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करना, जमाखोरी व कालाबाजारी पर अंकुश लगाना और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना बताया गया।
जिला पूर्ति अधिकारी के.के. अग्रवाल के नेतृत्व में देहरादून, विकासनगर, सहसपुर और ऋषिकेश क्षेत्रों में दो दर्जन से अधिक थोक विक्रेता प्रतिष्ठानों का संयुक्त निरीक्षण किया गया। वहीं ऋषिकेश क्षेत्र में उप जिलाधिकारी कुमकुम जोशी और विकासनगर क्षेत्र में उप जिलाधिकारी विनोद कुमार के नेतृत्व में छापेमारी और निरीक्षण की कार्रवाई की गई।
निरीक्षण के दौरान संबंधित प्रतिष्ठानों में उपलब्ध चीनी के स्टॉक, बिक्री अभिलेख, खरीद-बिक्री विवरण और बाजार में प्रचलित दरों की गहन जांच की गई। अधिकारियों ने यह भी सुनिश्चित किया कि निर्धारित मानकों और नियमों के अनुरूप ही चीनी की बिक्री की जा रही है और उपभोक्ताओं से अनुचित मूल्य वसूली नहीं हो रही है।
अभियान में जीएसटी विभाग की ओर से सहायक आयुक्त दीपक सेमवाल सहित खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग, गन्ना विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी व कर्मचारी शामिल रहे।

जिला पूर्ति अधिकारी के.के. अग्रवाल ने कहा कि बाजार में चीनी की कृत्रिम कमी पैदा करने, जमाखोरी, कालाबाजारी या अनुचित मूल्य वसूली जैसी गतिविधियों को किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनपद में चीनी की उपलब्धता और कीमतों की निरंतर निगरानी की जा रही है।
उन्होंने थोक और फुटकर विक्रेताओं को नियमानुसार स्टॉक और बिक्री का विवरण संधारित करने तथा उपभोक्ताओं को निर्धारित और उचित दरों पर चीनी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा और बाजार में मूल्य स्थिरता बनाए रखने के लिए संयुक्त निरीक्षण और छापेमारी की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी। निरीक्षण के दौरान किसी भी प्रकार का नियम उल्लंघन, जमाखोरी, कालाबाजारी या अनुचित मूल्य वसूली पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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