

ऋषिकेश। राष्ट्रीय महिला आयोग और उत्तराखंड राज्य महिला आयोग के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को पं. ललित मोहन शर्मा परिसर, श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के स्वामी विवेकानंद प्रेक्षागृह में यशोदा एआई एवं महिला विषय पर राज्य स्तरीय जागरूकता एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई।
कार्यशाला का शुभारंभ ऋषिकेश विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. प्रेमचंद अग्रवाल, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल, महापौर शंभू पासवान, परिसर निदेशक प्रो. महावीर सिंह रावत, आयोग की उपाध्यक्ष चंद्रकला तिवारी और विधि विज्ञान प्रयोगशाला के संयुक्त निदेशक ने दीप प्रज्वलित कर किया।
अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने कहा कि महिलाओं को आधुनिक तकनीक से परिचित होने के साथ उसका सुरक्षित और उपयोगी इस्तेमाल सीखना जरूरी है। एआई शिक्षा, रोजगार, व्यवसाय और विज्ञान-प्रौद्योगिकी में नए अवसर उपलब्ध करा रहा है। महिलाओं की आर्थिक गतिविधियों, स्टार्टअप और तकनीकी क्षेत्रों में भागीदारी बढ़ रही है, ऐसे में बदलती तकनीकी जरूरतों के अनुरूप कौशल विकसित करना आवश्यक है।

मुख्य अतिथि डॉ. प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि तकनीकी विकास ने कृषि, शिक्षा सहित सभी क्षेत्रों की कार्यप्रणाली को प्रभावित किया है और एआई का सकारात्मक व जिम्मेदार उपयोग जरूरी है। महापौर शंभू पासवान ने कहा कि एआई उपयोगी तकनीक है लेकिन इसमें मानवीय विवेक को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। प्रो. महावीर सिंह रावत ने युवाओं को रोबोटिक्स और एआई में कौशल विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया।
तकनीकी सत्र में विशेषज्ञों ने एआई के व्यावहारिक उपयोग, प्रॉम्प्टिंग, डिजिटल सुरक्षा और साइबर कानूनों की जानकारी दी। उत्तराखंड पुलिस की स्टेट सोशल मीडिया हेड उपनिरीक्षक रवीना ने साइबर स्टॉकिंग, फर्जी प्रोफाइल, डीपफेक वीडियो, वॉयस क्लोनिंग, सेक्सटॉर्शन और फिशिंग जैसे अपराधों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने मजबूत पासवर्ड, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन और लाइव लोकेशन साझा न करने की सलाह दी। साथ ही बताया कि साइबर अपराध होने पर स्क्रीनशॉट, यूआरएल जैसे साक्ष्य सुरक्षित रखकर हेल्पलाइन 1930 और साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।


आईटीडीए के एसटीईएम रविशंकर सिंह ने एआई से अध्ययन सामग्री, पुस्तकों का सार, रिज्यूमे, इंटरव्यू की तैयारी, डिजिटल मार्केटिंग और ग्राफिक डिजाइन में उपयोग बताया। आईटीडीए के तन्मय धवन ने एआई टूल्स का लाइव प्रदर्शन और प्रॉम्प्टिंग का अभ्यास कराया। उपनिरीक्षक दीप्ति लोहनी ने मोबाइल डेटा सुरक्षा और ऐप परमिशन की सावधानियां बताईं। अधिवक्ता जानवी शर्मा ने डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण कानून, आईटी एक्ट और एआई से जुड़ी कानूनी चुनौतियों पर जानकारी दी।
समापन पर विशेषज्ञों और प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र और स्मृति चिह्न दिए गए। छात्राओं ने स्वागत गीत, दीप गीत और गढ़वाली समूह नृत्य प्रस्तुत किए। सदस्य सचिव उर्वशी चौहान ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में सीओ तुषार बोरा, आयोग सदस्य विमला नैथानी, कमला जोशी, प्रेमलता, अनुका कक्कड़ सहित कई गणमान्य उपस्थित रहे।

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