देहरादून, जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में शनिवार को ऋषिपर्णा सभागार, कलेक्ट्रेट में राज्य आन्दोलनकारियों के चिन्हीकरण संबंधी महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक सौहार्दपूर्ण एवं सकारात्मक वातावरण में संपन्न हुई, जिसमें राज्य आन्दोलनकारियों से जुड़े विभिन्न लंबित प्रकरणों पर विस्तार से चर्चा की गई।
जिलाधिकारी ने बैठक में उपस्थित राज्य आंदोलनकारियों के सुझाव बारी-बारी से सुने तथा उनकी शंकाओं का समाधान भी किया। उन्होंने सभी उप जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि अपनी-अपनी तहसीलों में लंबित समस्त चिन्हीकरण प्रकरणों एवं सूचियों पर गंभीरता से कार्यवाही करते हुए सात दिवस के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें।
डीएम ने स्पष्ट कहा कि राज्य आन्दोलनकारियों से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी और प्रत्येक प्रकरण का पारदर्शी एवं तथ्यपरक परीक्षण किया जाए। उन्होंने चिन्हीकरण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी एवं सहभागी बनाने के उद्देश्य से संबंधित क्षेत्रीय आन्दोलनकारी समितियों के सदस्यों को भी प्रक्रिया में सम्मिलित करने के निर्देश दिए, ताकि वास्तविक आन्दोलनकारियों के मामलों का निष्पक्ष परीक्षण सुनिश्चित हो सके।
बैठक में संबंधित विभागों को भी निर्देशित किया गया कि लंबित मामलों से संबंधित आख्या एवं अभिलेख सात दिनों के भीतर उपलब्ध कराए जाएं। जिलाधिकारी ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई विभाग निर्धारित समय-सीमा के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं करता है तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में बताया गया कि शासन द्वारा वर्ष 2021 तक प्राप्त लंबित आवेदन पत्रों के निस्तारण हेतु छह माह का समय विस्तार प्रदान किया गया है। जिला प्रशासन ने इस अवधि के भीतर सभी लंबित प्रकरणों के त्वरित एवं न्यायसंगत निस्तारण की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है।
जिन आन्दोलनकारियों के अभिलेख उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं, उनके चिन्हीकरण के लिए वरिष्ठ आन्दोलनकारियों एवं समिति के सदस्यों द्वारा दिए गए शपथ-पत्र के आधार पर प्रक्रिया पूरी किए जाने हेतु जिला प्रशासन द्वारा शासन को अनुरोध पत्र भी प्रेषित किया गया है, जिस पर शासन स्तर से निर्णय लिया जाना है।
बैठक में उपस्थित राज्य आन्दोलनकारियों ने चिन्हीकरण प्रक्रिया को गति देने और सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने के लिए जिलाधिकारी का आभार व्यक्त किया। आन्दोलनकारियों ने विश्वास जताया कि वर्तमान कार्यकाल में लंबे समय से लंबित मामलों का समाधान होगा तथा पात्र आन्दोलनकारियों को न्याय मिल सकेगा।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल आनंद, पुलिस अधीक्षक जया बलूनी, उप जिलाधिकारी कुमकुम जोशी सहित राज्य आंदोलनकारी सरोज डिमरी, उर्मिला शर्मा, निर्मला बिष्ट, पुष्पलता सिलमाना, जयप्रकाश उत्तराखण्डी, योगेश भट्ट, ओपी उनियाल, देवी गोदियाल, डीएस गुंसाई और विवेकानंद खण्डूरी उपस्थित रहे।

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