
’लखपति दीदी’ और स्वरोजगार योजनाओं की समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने दिए सख्त निर्देश; ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और चारधाम यात्रा में स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने पर जोर।
पौड़ी गढ़वाल। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में समस्त खंड विकास अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें ग्रामीण विकास, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम), उद्यान, पशुपालन तथा आंगनबाड़ी योजनाओं की प्रगति की व्यापक समीक्षा की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी विकास योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने ग्रामीण आजीविका को सुदृढ़ करने और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ परिणामोन्मुखी कार्य करने को कहा। ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर देते हुए उन्होंने सभी खंड विकास अधिकारियों (बीडीओ) के लिए प्रति माह कम से कम 20 ग्राम पंचायतों का अनिवार्य भ्रमण करने, वहां जनसमस्याओं को सुनने और विकास कार्यों की भौतिक सत्यापन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश जारी किए ताकि धरातल पर योजनाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सके।
बैठक के दौरान जिले में मौजूद विभिन्न विभागों के अनुपयोगी और सरकारी भवनों को लेकर एक बड़ा नीतिगत निर्णय लिया गया। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने बताया कि उपजिलाधिकारियों के माध्यम से ऐसे भवनों का सर्वेक्षण कराकर सूची तैयार कर ली गई है, जिन्हें अब आवश्यकता के अनुसार कोल्ड स्टोरेज, संग्रहण केंद्र, ग्रोथ सेंटर, प्रशिक्षण केंद्र और विपणन केंद्र के रूप में तब्दील किया जाएगा। उन्होंने निष्क्रिय पड़े ग्रोथ सेंटरों को उपयुक्त स्थानों पर स्थानांतरित कर उन्हें स्थानीय उत्पादों के प्रसंस्करण और विपणन से जोड़ने के निर्देश दिए, जिससे ग्रामीण युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और संसाधनों के सही उपयोग से समय व धन दोनों की बचत होगी।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन और लखपति दीदी योजना की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने स्वयं सहायता समूहों के सुदृढ़ीकरण पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि इन समूहों को केवल उत्पादन तक सीमित न रखकर उनके उत्पादों की ब्रांडिंग, पैकेजिंग और प्रभावी मार्केटिंग पर ध्यान दिया जाए। इसके तहत डेयरी, मशरूम, सब्जी उत्पादन, मसाला निर्माण और सुगंधित पौधों की खेती को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए। विशेष रूप से पौड़ी और खिर्सू ब्लॉक को सब्जी उत्पादन बढ़ाकर उसकी आपूर्ति श्रीनगर व अन्य बड़े बाजारों में सुनिश्चित करने तथा बीरोंखाल ब्लॉक में छूटे हुए क्षेत्रों में 15 दिनों के भीतर नए समूहों का गठन करने को कहा गया। साथ ही, जिन क्षेत्रों में दुग्ध उत्पादन अच्छा है, वहां डेयरी क्लस्टर विकसित करने और पशुओं के लिए चारा विकास कार्यक्रम चलाने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी को निर्देशित किया कि लखपति दीदी योजना से जुड़ी महिलाओं की वास्तविक आय का धरातल पर आकलन किया जाए ताकि योजनाओं के वास्तविक प्रभाव का मूल्यांकन हो सके।
स्थानीय उत्पादों को बड़ा बाजार देने के उद्देश्य से जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने हिलांस आउटलेट के माध्यम से उत्पादों की घर-घर आपूर्ति व्यवस्था विकसित करने और आगामी चारधाम यात्रा के दौरान एनआरएलएम समूहों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि यात्रा मार्ग पर यात्रियों के लिए उत्तराखंड की स्थानीय संस्कृति, लोककला और पारंपरिक शिल्प पर आधारित स्मृति चिह्न व उपहार सामग्री तैयार कर उपलब्ध कराई जाए, जिससे स्थानीय आजीविका को संबल मिले। उद्यान विभाग को निर्देशित करते हुए उन्होंने किसानों को कीवी जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों और पॉलीहाउस आधारित खेती के लिए नियमित प्रशिक्षण देने तथा लाभार्थियों से निरंतर फीडबैक लेने की बात कही।
बैठक के अंत में उन्होंने वीबी जी राम जी के कार्यों की समीक्षा करते हुए सभी बीडीओ को तीन दिनों के भीतर उपजिलाधिकारियों के साथ बैठक कर आपदा प्रभावित ऐसे छोटे लेकिन आवश्यक कार्यों को चिन्हित करने के निर्देश दिए, जो किसी अन्य योजना से स्वीकृत नहीं हो पाए हैं, ताकि उन्हें प्राथमिकता के आधार पर मनरेगा में शामिल कर जनता को तुरंत राहत दी जा सके। इसके अलावा, आंगनबाड़ी भवनों के लंबित भूमि चयन मामलों को शीघ्र निपटाने और जिले में बेहतर सड़क संपर्क वाले ऐसे पांच ब्लॉक चिन्हित करने के निर्देश दिए गए जहां फल-सब्जी के फसल संरक्षण हेतु नए कोल्ड स्टोरेज स्थापित किए जा सकें। मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी ने भी अधिकारियों से नवाचार और नियमित निगरानी के जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की अपेक्षा की।
इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर, जिला पंचायत राज अधिकारी जितेंद्र कुमार सहित सभी संबंधित जिला स्तरीय अधिकारी और खंड विकास अधिकारी उपस्थित रहे।

Recent Comments