
विकासनगर/कालसी। उत्तराखंड पुलिस की बढ़ती सक्रियता और तकनीकी पहल का नतीजा है कि आज विकासनगर और कालसी पुलिस ने सीईआईआर पोर्टल की मदद से करीब दो लाख रुपये मूल्य के नौ मोबाइल फोन बरामद कर उन्हें उनके सही मालिकों को सौंपा। इस कार्रवाई से न केवल खोए हुए फोन वापस मिले, बल्कि लोगों के चेहरों पर मुस्कान भी लौटी। मोबाइल स्वामियों ने पुलिस की कार्यशैली की खूब सराहना की और अपना आभार व्यक्त किया।
सीईआईआर पोर्टल बना वरदान
भारत सरकार द्वारा संचालित संचार सारथी (सीईआईआर) पोर्टल इन दिनों पुलिस के लिए एक कारगर हथियार साबित हो रहा है। एसएसपी देहरादून के निर्देशन में चलाए जा रहे इस अभियान के तहत थाना स्तर पर खोए मोबाइलों की गुमशुदगी रिपोर्ट दर्ज होते ही उन्हें तुरंत पोर्टल पर ट्रेसिंग के लिए लगाया जाता है। इस तकनीकी प्रक्रिया ने कई लोगों के कीमती डेटा और यादों को सुरक्षित रखने में मदद की है।
विकासनगर में बड़ी सफलता
विकासनगर पुलिस ने आज विभिन्न कंपनियों के करीब दो लाख रुपये मूल्य के आठ मोबाइल फोन बरामद किए। वहीं कालसी पुलिस ने 12 हजार रुपये कीमत का एक मोबाइल फोन ढूंढ़कर उसे उसके मालिक को सुपुर्द किया। इन सभी मोबाइलों को उन्नत ट्रैकिंग तकनीक के जरिए बरामद किया गया।
पुलिस की मेहनत को सलाम
अपने खोए हुए मोबाइल पाकर लोगों ने पुलिस टीम का आभार जताया। उनका कहना था कि उत्तराखंड पुलिस अब न सिर्फ अपराध नियंत्रण में बल्कि आम जनता की छोटी-बड़ी समस्याओं के समाधान में भी पूरी संजीदगी से काम कर रही है। पुलिस की इस पहल ने आम आदमी का विश्वास और बढ़ाया है।
अब तक बरामद हो चुके हैं 78 मोबाइल
कोतवाली विकासनगर पुलिस ने अब तक सीईआईआर पोर्टल के माध्यम से करीब 16 लाख रुपये मूल्य के 78 मोबाइल फोनों को ढूंढ़कर उन्हें उनके मालिकों को लौटाया है। यह आंकड़ा पुलिस की तकनीकी क्षमता और जनसेवा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
देहरादून पुलिस के इस प्रयास ने साबित कर दिया है कि यदि तकनीक और इच्छाशक्ति साथ हो, तो खोई हुई चीजें भी वापस मिल सकती हैं और लोगों के चेहरे पर मुस्कान लौटाई जा सकती है।

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