देहरादून। राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने DRDO विद्यालय में चल रही अव्यवस्थाओं और प्रबंधन परिवर्तन को गंभीरता से लिया है। विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों का संज्ञान लेते हुए आयोग की अध्यक्ष डॉ. गीता खन्ना के निर्देश पर आयोग की एक टीम ने गुरुवार को विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।
आयोग की टीम ने निरीक्षण के दौरान विद्यालय के प्रभारी ऑफिशिएटिंग प्रिंसिपल, पूर्व में कार्यरत शिक्षकों तथा विद्यार्थियों से विस्तृत बातचीत की। इस दौरान यह स्पष्ट हुआ कि विद्यालय का टेकओवर (अधिग्रहण) बिना किसी पूर्व सूचना के किया गया, जिससे शिक्षकों और अभिभावकों में भारी असंतोष एवं रोष व्याप्त है। यह भी सामने आया कि अब तक इस संबंध में कोई स्पष्ट आधिकारिक आदेश या सूचना किसी को उपलब्ध नहीं कराई गई है।
निरीक्षण के समय आयोग ने यह भी पाया कि विद्यालय परिसर में अचानक वार्षिक शुल्क (Annual Fees) से संबंधित एक नोटिस चस्पा कर दिया गया। आयोग के अनुसार, यह नोटिस बिना किसी पूर्व सहमति के जारी कर दिया गया, जिससे छात्रों और अभिभावकों में गहरा भ्रम पैदा हो गया है। इसके अलावा, कुछ विद्यार्थियों ने बताया कि विद्यालय में चल रही अव्यवस्था के दौरान उन्हें चोटें भी आई हैं। आयोग ने इस मामले की गंभीरता से जांच कराने का आश्वासन दिया है।

आयोग के अनुसार, इस पूरे प्रकरण की पड़ताल के लिए संबंधित शैक्षिक प्रबंधन (DRDO Educational Management) एवं RAV प्रबंधन को पत्र प्रेषित कर आयोग के समक्ष उपस्थित होने हुए निर्देशित किया जा रहा है। आयोग का कहना है कि दोनों पक्षों को सुनने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी, ताकि बच्चों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
सबसे अहम मुद्दा यह उजागर हुआ है कि बिना किसी विधिवत समझौते (Agreement) के विद्यालय प्रबंधन द्वारा पुलिस सुरक्षा की मांग की गई है। इस पर आयोग ने कड़ा संज्ञान लिया है। डॉ. गीता खन्ना ने स्पष्ट किया कि इस संबंध में संबंधित प्रबंधन और पुलिस विभाग दोनों से औचित्य स्पष्ट करने हेतु स्पष्टीकरण तलब किया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान कुछ अन्य संगठनों ने भी आयोग के समक्ष अपनी आपत्तियां और सुझाव प्रस्तुत किए। आयोग ने आश्वासन दिया कि सभी सुझावों को संज्ञान में लेते हुए आगे की निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच सुनिश्चित की जाएगी।


राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. गीता खन्ना ने कहा कि आयोग पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराएगा और बच्चों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाएगा। फिलहाल, स्कूल प्रबंधन और पुलिस के जवाब का इंतजार किया जा रहा है।

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