

छोटे और सीमांत किसानों तक पहुंचे सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ: डीएम
उत्तरकाशी। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने सोमवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय में कृषि एवं उद्यान विभाग द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की।
बैठक में मुख्य कृषि अधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि जिले में कुल 67386 कृषक परिवार निवास करते हैं, जिनमें सीमान्त किसानों की संख्या सर्वाधिक 85.62 प्रतिशत (57688) है। इसके अतिरिक्त लघु श्रेणी में 8.61 प्रतिशत (5800), अर्द्ध-मध्यम श्रेणी में 4.73 प्रतिशत (3188) तथा मध्यम व बड़े किसानों की भागीदारी क्रमशः 1.03 प्रतिशत एवं 0.02 प्रतिशत दर्ज है।सीएचओ द्वारा अवगत कराया गया कि जिले में वर्तमान में 5046.76 हेक्टेयर भूमि पर सेब का उत्पादन किया जा रहा है, जिससे लगभग 27249.99 मीट्रिक टन की पैदावार होती है। इसके साथ ही 4024.42 हेक्टेयर क्षेत्र से लगभग 32280.20 मीट्रिक टन आलू का उत्पादन दर्ज किया गया है। सब्जियों में टमाटर का आच्छादन 1595.33 हेक्टेयर में 12927.57 मीट्रिक टन तथा मटर का उत्पादन 1587.09 हेक्टेयर भूमि पर 11075.32 मीट्रिक टन रहा।
जिलाधिकारी ने कहा कि जिले की भौगोलिक संरचना के अनुरूप अर्थव्यवस्था में फल व सब्जियों का विशेष महत्व है। अतः जिले के छोटे और सीमांत सहित सभी काश्तकारों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाया जाए तथा उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ गुणवत्ता,ग्रेडिंग, पैकेजिंग, कोल्ड स्टोरेज तथा बाज़ार उपलब्धता की सुदृढ़ व्यवस्था की जाए। साथ ही नवीन तकनीकों का प्रसार और योजनाओं की जानकारी सभी काश्तकारों तक पहुंचाई जाए जिससे काश्तकारों की आय में वृद्धि हो और पर्वतीय क्षेत्रों में कृषि को लाभप्रद व्यवसाय बनाने बनाया जा सके।
जिलाधिकारी ने एप्पल मिशन के तहत किसानों की बकाया धनराशि का तत्काल भुगतान करने के निर्देश दिये तथा सभी काश्तकारों से अपील की है कि वे संबंधित बिलों को भुगतान हेतु जल्द से जल्द मुख्य उद्यान अधिकारी कार्यालय को उपलब्ध कराएं, ताकि सत्यापन के पश्चात धनराशि सीधे उनके खातों में भेजी जा सके।
बैठक में मुख्य कृषि अधिकारी एसएस वर्मा,सीएचओ रजनीश सिंह सहित इन विभागों से अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

Recent Comments