प्रदोष का पूजन वार के अनुसार करने का शास्त्रों में विधान है। शुक्र प्रदोष के विधिवत पूजन व्रत व उपाय से सभी सुखों की प्राप्ति होती है तथा अखंड सौभाग्य प्राप्त होता है। शुक्र प्रदोष व्रत करने से महादेव से जीवनसाथी की समृद्धि का वर मिलता है। ऐश्वर्यवान जीवन प्राप्त होता है व दांपत्य सुख में वृद्धि होती है। पुराणों के अनुसार प्रदोष व्रत करने से सांसारिक दुखों से मुक्ति मिलती है। यह व्रत सुख-संपदा युक्त जीवन शैली के अतिरिक्त यश, कीर्ति, ख्याति, वैभव और सम्पन्नता देने में समर्थ होता है। यह व्रत उपवासक को धर्म, मोक्ष से जोड़ने वाला और अर्थ, काम के बंधनों से मुक्त करने वाला है।
मनचाही सुख-सुविधाएं और धन प्राप्ति के लिए शुक्र प्रदोष की शाम करें ये काम-
शिवलिंग का विधिवत पूजन करें। गौघृत का दीप करें, चंदन धूप करें, गुलाबी फूल चढ़ाएं, गुलाल चढ़ाएं, इत्र चढ़ाएं, खीर का भोग लगाएं तथा इस विशेष मंत्र का 1 माला जाप करें।

शिव मंत्र: क्लीं काममूर्तये नमः शिवाय क्लीं॥
पूजन के बाद भोग किसी सुहागन को भेंट करें। ऐश्वर्यवान जीवन हेतु शिवालय में सुगंधित तेल के 13 दीपक जलाएं।
खंड सौभाग्य की प्राप्ति हेतु शिवालय में इत्र मिले गौघृत का दीपदान करें।
मनचाही ऐश और कैश चाहते हैं तो मौली में पिरोए 13 गुलाब के फूल शिवलिंग पर चढ़ाएं।
अस्वीकरण
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