देहरादून। वार्ड संख्या 18 में विराट हिन्दू सम्मेलन का आयोजन भव्य और सुव्यवस्थित ढंग से किया गया। सम्मेलन में समाज के विभिन्न वर्गों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली, जिससे समरसता और भाईचारे का संदेश मजबूत हुआ।
कार्यक्रम में मातृशक्ति उद्बोधन के अंतर्गत साहित्य, संस्कृति एवं कला परिषद की उपाध्यक्ष मधु भट्ट ने संबोधन दिया। उन्होंने राज्य आंदोलन में योगदान देने वाली मातृशक्ति को नमन करते हुए कहा कि यह वार्ड राज्य आंदोलनकारियों की सक्रियता के लिए जाना जाता रहा है। उन्होंने बताया कि आयोजन में महिलाओं द्वारा मांगल गीत, भजन, नृत्य प्रस्तुतियां तथा तपस्या नृत्य अकादमी के नन्हे कलाकारों की भरतनाट्यम शैली की प्रस्तुति ने भारतीय संस्कृति और कला की झलक दिखाई।
अपने वक्तव्य में उन्होंने रामायण, हनुमान चालीसा, द्रौपदी चीरहरण जैसे प्रसंगों का उल्लेख करते हुए प्राचीन काल से वर्तमान समय तक महिलाओं की भूमिका को उदाहरणों सहित सामने रखा और भारतीय इतिहास में हिन्दू समाज के योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने भारतीय संस्कृति को विश्व में गौरवशाली और उन्नत परंपरा बताया।
मुख्य वक्ता के रूप में राष्ट्रीय कवि श्रीकांत श्री ने अपनी काव्य शैली और वीर रस की रचनाओं के माध्यम से उपस्थित जनसमूह में उत्साह और ऊर्जा का संचार किया।

संत समाज की ओर से अभय मठ शक्तिपीठ के स्वामी परविंदर पुरी जी महाराज ने मंत्रोच्चार के साथ सहभागिता की। उन्होंने हिन्दू समाज को जागरूक और निर्भीक बताते हुए सामाजिक एकता पर बल दिया।
सम्मेलन के दौरान कई विशिष्ट लोगों को सम्मानित भी किया गया। सम्मान पाने वालों में वरिष्ठ आंदोलनकारी झब्बर सिंह रावत पावेल, कृष्णा देवी, सुशीला काला, गीता नेगी और प्रेमलता पंवार शामिल रहीं। इसके साथ ही पूर्व सैनिक तथा बॉक्सिंग व दौड़ में स्वर्ण पदक विजेता संजय थापा, सिविल डिफेंस पुरस्कार से सम्मानित वरिष्ठ वार्डन नीरज कुमार उनियाल, सुप्रसिद्ध नृत्यांगना डॉ. माया वी. सक्सेना, पर्यावरण क्षेत्र में योगदान के लिए गति संस्था के अध्यक्ष आलम सिंह रावत और समाज सेवा के उत्कृष्ट कार्यों के लिए शैल कला एवं ग्रामीण विकास समिति के अध्यक्ष डॉ. स्वामी एस. चंद्रा को सम्मान प्रदान किया गया।
कार्यक्रम में वार्ड पार्षद वंशिका सोनकर और पूर्व पार्षद अजय सोनकर के सहयोग के लिए विशेष धन्यवाद व्यक्त किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि स्वामी परविंदर पुरी जी महाराज, मधु भट्ट, श्रीकांत श्री तथा चंद्रगुप्त विक्रम द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इसके बाद गणेश वंदना हुई और अतिथियों का पुष्प, अंगवस्त्र व स्मृतिचिह्न भेंट कर स्वागत किया गया।


इस आयोजन में भानु प्रताप चमोली, गंभीर, भारत, गोविंद गुसाई, विनोद डालिया, गणेश भट्ट, दिनेश कुमार, पवन, आलोक निरंजन, प्रदीप, लक्ष्मी मलासी, गीता नेगी, लता बिष्ट, शिवम, यशोधर और आदित्य नय्यर सहित अनेक लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम का संचालन सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. स्वामी एस. चंद्रा ने किया।

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