मुख्यमंत्री के सुझावों को जिलाधिकारी ने मास्टर प्लान में किया शामिल, पर्यटन सुविधाओं में होगा व्यापक सुधार
देहरादून, 28 फरवरी 2025 (आरएनएस) – उत्तराखंड के जौनसार-बावर क्षेत्र स्थित हनोल महासू देवता धाम को सुनियोजित तरीके से विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री के सुझावों को अमल में लाते हुए जिलाधिकारी सविन बंसल ने हनोल टूरिस्ट डेस्टिनेशन प्लान में आवश्यक सुधार किए हैं। इसके तहत जल स्रोत, सीवरेज, घाट निर्माण, हेलीपेड, होमस्टे विकास, और महिला स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहित करने जैसी कई योजनाएं शामिल की गई हैं।
हनोल न केवल एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है, बल्कि यह क्षेत्र की आस्था और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक भी है। इसी को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि विकास योजनाएं स्थानिक हितों को ध्यान में रखकर बनाई जाएंगी।
हनोल टूरिस्ट डेस्टिनेशन प्लान में बड़े बदलाव
जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट सभागार में आईएनआई डिजाइन कंसलटेंट और संबंधित विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर हनोल पर्यटन विकास योजना की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने निर्देश दिए कि—
हनोल क्षेत्र की बढ़ती पर्यटक संख्या और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए योजनाएं तैयार की जाएं।
जल स्रोत, सीवरेज, घाट, सड़क मार्ग, आदि आवश्यक सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाए।
फ्लोटिंग पॉपुलेशन (अस्थायी आबादी) का विस्तृत सर्वेक्षण कर सुविधाएं निर्धारित की जाएं।
हनोल तक आने-जाने वाले सभी सहायक सड़क मार्गों का चौड़ीकरण और विस्तारीकरण किया जाए।
टोंस नदी किनारे घाट तक पहुंचने के लिए एप्रोच रोड बनाई जाए।
पर्यटन के साथ रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
हनोल क्षेत्र को धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ स्थानीय लोगों के रोजगार का केंद्र बनाने की भी योजना है। इस दिशा में जिलाधिकारी ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं—
महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए 50% दुकानों का आरक्षण: महासू देवता धाम में बनने वाली दुकानों में से आधी दुकानें स्थानीय महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों को दी जाएंगी, ताकि वे अपने स्थानीय उत्पादों का उचित विपणन कर सकें।
होमस्टे को बढ़ावा: हनोल क्षेत्र के गांवों को होमस्टे विलेज के रूप में विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया है।
होमस्टे पंजीकरण के लिए विशेष शिविर: अधिक से अधिक स्थानीय लोगों को होमस्टे योजना से जोड़ने के लिए स्पेशल कैंप लगाए जाएंगे।
महिला स्वयं सहायता समूहों के आय स्रोत बढ़ाने पर विशेष ध्यान: पर्यटन क्षेत्र में स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प, और पारंपरिक भोजन को बढ़ावा दिया जाएगा।
केदारकांठा ट्रैक और एडवेंचर टूरिज्म को भी मिलेगा बढ़ावा
जिलाधिकारी ने केदारकांठा एडवेंचर ट्रैक को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए निम्नलिखित निर्देश दिए हैं—
साइनेज और नेचर वॉक ट्रेल में सुधार किया जाए।
पर्यावरण-संवेदनशील विकास मॉडल अपनाया जाए।
स्थानीय युवाओं को पर्यटन से जोड़ने के लिए गाइड और ट्रेकिंग सेवाओं में प्रशिक्षण दिया जाए।
महासू देवता धाम में श्रद्धालुओं की सुविधाओं का विस्तार
बैठक में आईएनआई डिजाइन कंसलटेंट ने हनोल टूरिस्ट डेस्टिनेशन प्लान का विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया। इसमें बताया गया कि महासू देवता धाम में श्रद्धालुओं के लिए निम्नलिखित सुविधाएं विकसित की जाएंगी—
एराइवल प्लाजा और तीर्थ पुरोहित आवास
मंदिर सौंदर्यीकरण और क्यू मैनेजमेंट
पार्किंग और एप्रोच मार्ग का विकास
धर्मशाला और पब्लिक यूटिलिटी कॉम्पलेक्स
रेन शेल्टर और आस्था पथ निर्माण
जल्द होगा स्थानीय लोगों और तीर्थ पुरोहितों के साथ विमर्श
जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि हनोल विकास योजना में स्थानीय समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। इस संदर्भ में वे इसी माह मंदिर परिसर में स्थानिकों और तीर्थ पुरोहितों के साथ विमर्श करेंगे, जिससे विकास योजनाओं की सर्वसम्मति से रूपरेखा तैयार की जा सके।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, उप जिलाधिकारी चकराता योगेश मेहर, आईएनआई डिजाइन कंपनी के कंसलटेंट धर्मेश गंगाड़ी, जिला पर्यटन विकास अधिकारी, सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
हनोल महासू देवता धाम के धार्मिक और पर्यटन विकास को एक नए आयाम पर ले जाने की योजना तैयार की जा रही है। इस पहल से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए नए रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। हनोल क्षेत्र को एक सुनियोजित, पर्यावरण-संवेदनशील, और समावेशी पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे आस्था, संस्कृति और आर्थिक विकास का संतुलन बना रहे।

Recent Comments