
बदरीनाथ से लौट रहे यात्रियों से भरा विमान टिहरी में हादसे के कगार पर पहुंचा, अनुपमा चौधरी ने खेतों में कराया सुरक्षित लैंडिंग
टिहरी (उत्तराखंड): 20 मई 2026 को सकलाना क्षेत्र के नौगांव में एक विमानन हादसा तब टल गया, जब एक हेलिकॉप्टर के पिछले रोटर में हाईटेंशन बिजली के तार उलझ गए। चमत्कार यह रहा कि इस भीषण घटना में सवार सभी सात यात्री वायुयान चालक की तत्परता की बदौलत सकुशल बाहर निकल आए।
एक ऐसा हादसा जिसमें मौत निश्चित थी, लेकिन मां सुरकंडा देवी की कृपा और एक महिला पायलट की अदम्य हिम्मत ने उसे एक सबक बना दिया। ‘ट्रांस भारत एविएशन’ का हेलिकॉप्टर बदरीनाथ यात्रा पूरी कर देहरादून लौट रहा था, तभी तय रास्ते में बदलाव हुआ और यह हादसा हुआ।
पहले यह हेलिकॉप्टर गुप्तकाशी होकर जाने वाला था, लेकिन कंपनी की ओर से सीधे देहरादून पहुंचने का आदेश मिलते ही मार्ग बदल दिया गया। सुबह-सुबह लगभग 9:30 बजे, जब यह उड़ान चंबा-आराकोट के आसमान में थी, अचानक इसका टेल रोटर 11,000 वोल्ट के तारों से जा फंसा।
रोटर के फंसते ही हेलिकॉप्टर हवा में बुरी तरह लड़खड़ाने लगा। सवार यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। वह नीचे गिरना शुरू हो गया था, मानो अब कुछ सेकंड ही बाकी हों।

इस विकट परिस्थिति में महिला पायलट अनुपमा चौधरी डटी रहीं। उन्होंने ना सिर्फ घबराए हुए हेलिकॉप्टर पर काबू पाया, बल्कि तारों के उलझे रहने के बावजूद नीचे एक खेत को देखा और बिना समय गंवाए वहां आपातकालीन लैंडिंग कराई।
धनोल्टी तहसीलदार मोहम्मद शादाब ने बताया कि यह पायलट की ही सूझबूझ थी जिससे एक भी जान नहीं गई। घटना की खबर लगते ही आसपास के ग्रामीण दौड़ते हुए मौके पर पहुंचे। उन्होंने सभी सवारों को हेलिकॉप्टर से निकालने में मदद की। बाद में प्रशासन ने सभी यात्रियों को सड़क मार्ग से सुरक्षित देहरादून रवाना कर दिया।
मौके पर मौजूद स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यह मां सुरकंडा देवी का चमत्कार ही है कि एक बड़ा हादसा इस तरह टल गया। सभी यात्री स्वयं को धन्य मान रहे हैं और पायलट के साहस की जमकर प्रशंसा कर रहे हैं।
उधर, विमानन कंपनी और प्रशासन ने इस घटना की जांच शुरू कर दी है कि आखिर हेलिकॉप्टर बिजली के तारों के इतना करीब से क्यों गुजरा, जबकि फ्लाइट प्लान में पहले से सुरक्षित ऊंचाई तय होती है।


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