

धीरेंद्र प्रताप बोले- खिसियानी बिल्ली खंबा नोचे वाला बयान, कहा- सचिवालय भवन का नाम भी हो हीरा सिंह बिष्ट के नाम पर
देहरादून। दिवंगत कांग्रेस नेता हीरा सिंह बिष्ट को लेकर भाजपा विधायक और प्रवक्ता विनोद चमोली के बयान पर उत्तराखंड कांग्रेस भड़क उठी है। पार्टी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता धीरेंद्र प्रताप, महामंत्री राजेंद्र शाह और अजय सिंह ने संयुक्त बयान जारी कर विनोद चमोली के उस आरोप को ओछा और बचकाना करार दिया, जिसमें उन्होंने हीरा सिंह बिष्ट की कांग्रेस पार्टी द्वारा उपेक्षा किए जाने का दावा किया था। कांग्रेस नेताओं ने इसे झूठा और मनगढ़ंत बताते हुए कहा कि विनोद चमोली को कांग्रेस के आंतरिक मामलों पर बोलने का कोई अधिकार नहीं है, और उन्हें पहले भाजपा के भीतर चल रही घटनाओं पर ध्यान देना चाहिए।
कांग्रेस नेताओं ने केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और उत्तर प्रदेश में जौहर विश्वविद्यालय प्रकरण में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को हुई किरकिरी का हवाला देते हुए दावा किया कि भाजपा अब चंद दिनों की मेहमान रह गई है। भाजपा नेताओं के मंदिरों में चोरी की घटनाओं में कथित संलिप्तता का जिक्र करते हुए नेताओं ने भाजपा पर तीखा हमला बोला। साथ ही यह भी कहा कि विनोद चमोली का बयान महज खीज निकालने जैसा है और उन्हें पहले अपने घर की तरफ देखना चाहिए।
कांग्रेस नेताओं ने हीरा सिंह बिष्ट की उपलब्धियों को याद करते हुए बताया कि वे कांग्रेस में वरिष्ठ उपाध्यक्ष रहने के साथ-साथ इंटक जैसे बड़े मजदूर संगठन के अध्यक्ष भी रहे। उनकी अंत्येष्टि में उमड़ी हजारों कांग्रेसजनों की भीड़ और प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल तथा प्रीतम सिंह द्वारा उन्हें तिरंगे में विदाई दिए जाने का हवाला देते हुए इसे कांग्रेस की सर्वोच्च सम्मान परंपरा बताया गया।
इसी क्रम में धीरेंद्र प्रताप ने स्वर्गीय हीरा सिंह बिष्ट को देहरादून की शान बताते हुए उनकी स्मृति में शहर में एक भव्य स्मारक बनाए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि आदर्श स्थिति में उनकी प्रतिमा घंटाघर पर स्थापित की जानी चाहिए, ताकि वह आने वाली पीढ़ियों को वर्षों तक प्रेरणा देती रहे। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यदि ट्रैफिक जैसी व्यावहारिक दिक्कतों के चलते घंटाघर पर प्रतिमा लगाना संभव न हो, तो देहरादून स्थित विधानसभा परिसर में उनकी प्रतिमा स्थापित की जानी चाहिए।
हीरा सिंह बिष्ट की अंत्येष्टि में शामिल रहे धीरेंद्र प्रताप ने बताया कि कांग्रेस उनकी स्मृति में एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित करेगी, जिसमें हीरा सिंह बिष्ट पुरस्कार शुरू करने पर भी विचार किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि यदि सचिवालय भवन का नाम हीरा सिंह बिष्ट के नाम पर रखा जाता है, तो कांग्रेस इसका स्वागत करेगी।

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