मुंबई ,25 मार्च। भारत में 2024 में होटल ट्रांजैक्शन 2,900 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। इसमें दिलचस्प बात टियर 2 और 3 शहरों से जुड़ी देखी गई। मंगलवार को आई एक रिपोर्ट के अनुसार होटल ट्रांजैक्शन के तहत टियर 2 और 3 शहरों में 50 प्रतिशत लेनदेन हुए। इनमें मुख्य रूप से बिना ब्रांड वाली मध्यम श्रेणी की होटल शामिल हैं।
जेएलएल की एक रिपोर्ट के अनुसार, हाई-नेट वर्थ इंडिविजुअल (एचएनआईएस), फैमिली ऑफिस और निजी मालिकों ने निवेश मात्रा में 51 प्रतिशत का योगदान दिया। 2024 की चौथी तिमाही में, भारतीय आतिथ्य क्षेत्र (इंडियन हॉस्पिटैलिटी सेक्टर) ने मजबूत वृद्धि का प्रदर्शन किया, जिसमें टॉप छह बाजारों में एवरेज डेली रेट (एडीआर) और रेवेन्यू पर अवेलेबल रूम (रेवपीएआर) दोनों में सालाना आधार पर वृद्धि दर्ज की गई।
हैदराबाद सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला शहर रहा, जिसने 23.3 प्रतिशत की उच्चतम रेवपीएआर वृद्धि दर्ज की, जो एडीआर में वृद्धि की वजह से देखी गई। बेंगलुरु में भी उच्च रेवपीएआर वृद्धि दर्ज की गई, जो कि एडीआर और ऑक्यूपेंसी रेट दोनों में सुधार की वजह से रही। इस तिमाही में होटल साइनिंग में पर्याप्त गतिविधि देखी गई, जिसमें 99 नए होटलों में कुल 11,943 चाबियां दी गईं।
जेएलएल के होटल और आतिथ्य समूह के भारत प्रबंध निदेशक जयदीप डांग ने कहा, हमने पिछले साल 367 नए होटलों के साइनिंग और 154 नए होटलों का उद्घाटन रिकॉर्ड किया। यह 2023 की तुलना में 14 प्रतिशत अधिक है। यह होटल इंडस्ट्री इकोसिस्टम के लिए उत्साहजनक खबर है, क्योंकि यह निर्माण और ऋण गतिविधि को बढ़ावा देगा और आखिर में पूरे स्पेक्ट्रम में रोजगार प्रदान करेगा। यह भारतीय आतिथ्य बाजार में निवेशकों के निरंतर विश्वास और विस्तार को भी दर्शाता है।
मिडस्केल सेगमेंट ने 53 प्रतिशत होटल ओपनिंग और 44 प्रतिशत साइनिंग के साथ दबदबा बनाया। उत्तर प्रदेश 1,744 चाबियों के साथ साइनिंग में सबसे आगे रहा। रिपोर्ट में कहा गया है कि दिल्ली के यशोभूमि और मुंबई के एयरपोर्ट जिले में नए हॉटस्पॉट उभर रहे हैं, जो इन क्षेत्रों में भविष्य में विकास की संभावना का संकेत देते हैं।
कुल मिलाकर, 2024 की चौथी तिमाही ने एक मजबूत और विस्तारित भारतीय आतिथ्य बाजार की तस्वीर पेश की, जिसमें विभिन्न शहरों, स्तरों और खंडों में विकास फैला हुआ है, जो उद्योग के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण का सुझाव देता है। डांग ने कहा, भारत में आतिथ्य बाजारों में 2024 में शानदार गतिविधि देखी गई। बिजनेस और लेजर दोनों सेगमेंट में मजबूत घरेलू यात्रा मांग के सपोर्ट से होटल निवेश ने कई नए समूहों को खासकर टियर 2 और टियर 3 शहरों में नए होटल बनाने की ओर आकर्षित किया।
2024 में भारत में होटल ट्रांजैक्शन 2,900 करोड़ रुपये तक पहुंचा, टियर 2 और 3 शहरों में हुए सबसे ज्यादा लेनदेन
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