देहरादून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देवभूमि आगमन को लेकर राजधानी देहरादून में सुरक्षा का घेरा इतना सख्त है कि परिंदा भी पर न मार सके। आईजी गढ़वाल परिक्षेत्र राजीव स्वरूप ने स्पष्ट कर दिया है कि सुरक्षा व्यवस्था में ‘जीरो टॉलरेंस’की नीति अपनाई गई है और चूक की कोई गुंजाइश नहीं छोड़ी गई है।
360 डिग्री सुरक्षा घेरा: जमीन से आसमान तक पहरा
तैयारियों की समीक्षा के बाद आईजी गढ़वाल ने बताया कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए **360 डिग्री सुरक्षा प्लान** लागू किया गया है। उत्तराखंड पुलिस के साथ-साथ पीएसी (PAC) और निकटवर्ती राज्यों की पुलिस के साथ मिलकर एक अभेद्य दीवार खड़ी की गई है। हजारों की संख्या में पुलिस बल को चप्पे-चप्पे पर तैनात कर देहरादून को एक सुरक्षित छावनी का रूप दे दिया गया है।
आमजन की सुविधा सर्वोपरि: ‘स्मार्ट ट्रैफिक प्लान’ तैयार
पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के साथ-साथ जनता की सहूलियत का भी बखूबी ख्याल रखा है। आईजी गढ़वाल के अनुसार:
वैकल्पिक मार्ग: वीवीआईपी रूट को पूरी तरह सुरक्षित रखते हुए आम जनता के लिए वैकल्पिक रास्तों की व्यवस्था की गई है।
ट्रैफिक डायवर्जन: शहर में जाम की स्थिति न बने, इसके लिए एक प्रभावी स्मार्ट ट्रैफिक प्लान लागू किया गया है।
सुचारू आवाजाही: पुलिस का लक्ष्य है कि सुरक्षा के सख्त पहरे के बीच भी आम नागरिक को अपने गंतव्य तक पहुंचने में कोई बड़ी परेशानी न हो।
आईजी गढ़वाल परिक्षेत्र राजीव स्वरुप ने सुरक्षा व्यवस्था पर जोर देते हुए स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए पड़ोसी राज्यों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित किया गया है और सभी सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। पुलिस प्रशासन ने ऐसी पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित की है जिससे सुरक्षा और जन-सुविधा के बीच एक सटीक संतुलन बना रहे।
कुल मिलाकर, उत्तराखंड पुलिस ने इस दौरे को सफल बनाने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। जहाँ एक ओर भारी पुलिस बल की तैनाती से पूरी राजधानी में सुरक्षा का कड़ा माहौल बना हुआ है, वहीं दूसरी ओर पुलिस का मुख्य उद्देश्य यह भी है कि सुरक्षा के इस सख्त घेरे के बीच देवभूमि के आम निवासियों को आवाजाही या किसी अन्य कार्य में किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

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