नई दिल्ली/नैनीताल: विधि एवं न्याय मंत्रालय ने आज, 8 जनवरी 2026 को एक अधिसूचना जारी कर इलाहाबाद उच्च न्यायालय के वरिष्ठ न्यायाधीश जस्टिस मनोज कुमार गुप्ता को उत्तराखंड उच्च न्यायालय का नया मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया है। यह नियुक्ति वर्तमान मुख्य न्यायाधीश जस्टिस गुहनाथन नरेंद्र की सेवानिवृत्ति के बाद प्रभावी होगी, जो 9 जनवरी 2026 को सेवानिवृत्त हो रहे हैं।
यह नियुक्ति सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम की सिफारिश पर आधारित है, जिसने 18 दिसंबर 2025 को जस्टिस गुप्ता समेत पांच न्यायाधीशों को विभिन्न उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीश के रूप में ऊंचा पद देने की अनुशंसा की थी। कोलेजियम, जो भारत के मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता में काम करता है, ने जस्टिस गुप्ता को इलाहाबाद उच्च न्यायालय में दूसरे सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश होने के कारण उत्तराखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश पद के लिए उपयुक्त माना। यह सिफारिश वर्तमान मुख्य न्यायाधीश की सेवानिवृत्ति को ध्यान में रखते हुए की गई थी।
केंद्र सरकार ने कोलेजियम की सिफारिश को मंजूरी देते हुए आज अधिसूचना जारी की, जिसमें कहा गया है कि राष्ट्रपति की मंजूरी से जस्टिस मनोज कुमार गुप्ता को उत्तराखंड उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया जाता है। अधिसूचना के अनुसार, यह नियुक्ति भारत के संविधान के अनुच्छेद 217 के खंड (1) के तहत की गई है।
जस्टिस मनोज कुमार गुप्ता का जन्म 9 अक्टूबर 1964 को हुआ था। उन्होंने 1987 में लखनऊ विश्वविद्यालय से कानून में स्नातक की डिग्री प्राप्त की और उसी वर्ष 6 दिसंबर को बार काउंसिल में वकील के रूप में नामांकित हुए। अपनी वकालत के दौरान उन्होंने मुख्य रूप से सिविल, किराया नियंत्रण और संवैधानिक मामलों पर अभ्यास किया।
12 अप्रैल 2013 को उन्हें इलाहाबाद उच्च न्यायालय में अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किया गया और 10 अप्रैल 2015 को स्थायी न्यायाधीश बनाया गया। वर्तमान में वे इलाहाबाद उच्च न्यायालय के वरिष्ठ न्यायाधीश हैं, प्रशासनिक समिति के सदस्य हैं और उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष भी हैं। उन्होंने 2023 में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के रूप में भी सेवा की थी। उनकी सेवानिवृत्ति की तिथि 8 अक्टूबर 2026 है।
जस्टिस गुप्ता को उनके कानूनी ज्ञान, सिविल और संवैधानिक मामलों में विशेषज्ञता के लिए जाना जाता है। उन्होंने कई महत्वपूर्ण फैसलों में हिस्सा लिया है और न्यायिक प्रशासन में सक्रिय भूमिका निभाई है।
वर्तमान मुख्य न्यायाधीश जस्टिस गुहनाथन नरेंद्र ने 26 दिसंबर 2024 को पदभार ग्रहण किया था और वे 9 जनवरी 2026 को 62 वर्ष की आयु पूरी होने पर सेवानिवृत्त हो रहे हैं। उनकी सेवानिवृत्ति के बाद जस्टिस गुप्ता पद संभालेंगे, संभवतः 10 जनवरी 2026 से।
गौर हो कि उत्तराखंड उच्च न्यायालय की स्थापना 9 नवंबर 2000 को हुई थी और यह नैनीताल में स्थित है। यह देश का 18वां उच्च न्यायालय है। वर्तमान में न्यायालय में मुख्य न्यायाधीश सहित कई न्यायाधीश कार्यरत हैं, और यह राज्य के न्यायिक मामलों को संभालता है।
यह नियुक्ति न्यायपालिका में निरंतरता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, और जस्टिस गुप्ता के अनुभव से उत्तराखंड उच्च न्यायालय को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

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