CS आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में कांवड़ मेला बैठक, एक्सप्रेस-वे पर प्रतिबंध का फैसला 

कांवड़-2026 के लिए 7 राज्यों की साझा तैयारी, 8 अगस्त को पीक भीड़,रियल-टाइम समन्वय और सोशल मीडिया निगरानी पर जोर 

हरिद्वार। आगामी कांवड़ मेला-2026 को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में हरिद्वार के मेला नियंत्रण भवन में अंतर्राज्यीय समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में उत्तराखंड सहित 7 राज्यों और केंद्रीय एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

30 जुलाई से 11 अगस्त 2026 तक चलने वाले इस मेले में करोड़ों श्रद्धालुओं के हरिद्वार पहुंचने की संभावना है। ऐसे में कानून-व्यवस्था, सुरक्षा, यातायात, भीड़ नियंत्रण, स्वास्थ्य, स्वच्छता, पेयजल, संचार और आपदा प्रबंधन को लेकर विस्तृत मंथन किया गया। सभी राज्यों ने साझा कार्ययोजना के तहत समन्वित रूप से काम करने की प्रतिबद्धता जताई।

बैठक के प्रमुख निर्णय:

साझा सर्विलांस और समन्वय: राज्यों के बीच सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान होगा। उत्तराखंड की सीमाओं पर पड़ोसी राज्यों की पुलिस के साथ संयुक्त चेकपोस्ट और बैरियर स्थापित किए जाएंगे।

कड़े सुरक्षा इंतजाम: कांवड़ यात्रियों को प्रवेश बिंदुओं पर ही दिशा-निर्देश और प्रतिबंधों की जानकारी दी जाएगी। सभी को वैध पहचान पत्र साथ रखने के लिए प्रेरित किया जाएगा। किसी भी प्रकार के घातक हथियार या प्रतिबंधित सामग्री पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।

एक्सप्रेस-वे पर रोक: मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि *दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का उपयोग कांवड़ यात्रा के लिए नहीं किया जाएगा*। दिल्ली और यूपी के अधिकारियों को इसका प्रबंधन समय से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

– *सोशल मीडिया पर नजर:* अफवाहों और भ्रामक सूचना पर तुरंत कार्रवाई के लिए सभी राज्यों के सोशल मीडिया सेल और साइबर इकाइयों के बीच समन्वय स्थापित किया जाएगा।

यातायात और रेल व्यवस्था: रेलवे से विशेष ट्रेनों के संचालन, स्टेशनों पर भीड़ प्रबंधन और होल्डिंग एरिया बनाने को कहा गया। मार्गों पर साइनेज, पार्किंग और डायवर्जन की जानकारी का व्यापक प्रचार होगा।

मूलभूत सुविधाएं:यात्रा मार्ग पर स्वच्छता, पेयजल, चिकित्सा और अन्य सुविधाएं पुख्ता करने के निर्देश दिए गए। संतों-धर्मगुरुओं के संदेशों का मीडिया में प्रचार कर श्रद्धालुओं को अनुशासित रहने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने कहा कि कांवड़ यात्रा देश के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक है। यात्रा की सफलता सभी राज्यों के प्रभावी समन्वय पर निर्भर है। उन्होंने कहा कि “रियल-टाइम समन्वय, आधुनिक सर्विलांस, प्रभावी सुरक्षा और वैज्ञानिक भीड़ प्रबंधन ही कांवड़ यात्रा की सफलता की आधारशिला हैं। हरिद्वार केंद्र है, लेकिन किसी भी राज्य में होने वाली घटना का प्रभाव पूरे मार्ग पर पड़ता है।”

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि मेला 30 जुलाई से शुरू होकर 11 अगस्त तक चलेगा। 31 जुलाई से 4 अगस्त तक पंचक अवधि रहेगी। 5 अगस्त से भीड़ बढ़ेगी और 8 अगस्त से शुरू होने वाला डाक कांवड़ चरण सबसे चुनौतीपूर्ण होगा। एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और एकीकृत कमांड सिस्टम पर प्रस्तुतीकरण दिया।

पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, DGP अभिसूचना अभिनव कुमार और सचिव गृह शैलेश बगौली ने भी सभी एजेंसियों से बेहतर समन्वय का आग्रह किया। बैठक में सचिव नितेश कुमार झा, सचिव विनीत कुमार, ADG डॉ. वी. मुरूगेशन, मेलाधिकारी सोनिका, आयुक्त आनंद स्वरूप, IG राजीव स्वरूप, IG डॉ. योगेंद्र सिंह रावत सहित यूपी, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब, हिमाचल के अधिकारी और ITBP, SSB, CRPF, RPF, NDRF, रेलवे के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

बैठक से पहले मुख्य सचिव ने हरकी पैड़ी में मां गंगा की पूजा कर मेले के सफल आयोजन की कामना की।

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