

सोमनाथ / उत्तरकाशी। उत्तराखंड की लोकसंस्कृति, पर्यावरण संरक्षण एवं प्रकृति के प्रति सम्मान के प्रतीक हरेला पर्व के अवसर पर गुजरात के सोमनाथ स्थित शारदा पीठ में उत्तरकाशी से आए श्रद्धालुओं द्वारा मुख्य विकास अधिकारी श्री जय भारत सिंह के नेतृत्व में वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने बोरसली (मौलसिरी/बकुल) के दो पौधों का रोपण कर प्रकृति संरक्षण तथा हरित भविष्य के निर्माण का संकल्प लिया।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी जय भारत सिंह ने कहा कि हरेला पर्व उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा का जीवंत प्रतीक है। यह पर्व केवल वृक्षारोपण का उत्सव नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं हरित पर्यावरण सुनिश्चित करने का संकल्प भी है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में अधिकाधिक पौधे लगाकर उनका संरक्षण करना चाहिए, क्योंकि वृक्ष ही जीवन, पर्यावरण संतुलन और मानव अस्तित्व के आधार हैं।
कार्यक्रम के दौरान उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा सोमनाथ परिसर को भेंट किए गए रुद्राक्ष के पौधे का भी विधिवत रोपण किया गया। यह पौधा उत्तराखंड की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
वृक्षारोपण कार्यक्रम में सहायक जिला पंचायत राज अधिकारी श्री नितिन नौटियाल, परियोजना प्रबंधक रीप कपिल उपाध्याय, स्वयं सहायता समूह की महिलाएं तथा सोमनाथ स्वाभिमान पर्व यात्रा में उत्तरकाशी से आए श्रद्धालुगण उत्साहपूर्वक शामिल हुए। सभी प्रतिभागियों ने पौधों के संरक्षण का संकल्प लेते हुए पर्यावरण संरक्षण एवं हरित भारत के निर्माण का संदेश जन-जन तक पहुँचाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के माध्यम से उत्तराखंड की लोकपरंपरा हरेला का संदेश गुजरात की पावन भूमि सोमनाथ तक पहुँचा।
इस अवसर पर उपस्थित सभी श्रद्धालुओं ने प्रकृति संरक्षण को जनआंदोलन बनाने तथा “एक पेड़—एक जीवन, हरियाली ही खुशहाली” के संकल्प को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
यह आयोजन पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ उत्तराखंड की संस्कृति, आस्था और प्रकृति के प्रति समर्पण का प्रेरणादायी उदाहरण बनकर उभरा।

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