नई दिल्ली ,09 अक्टूबर (आरएनएस)। भारत के मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई पर जूता फेंकने की कोशिश करने वाले वकील राकेश किशोर के खिलाफ अब चौतरफा कार्रवाई शुरू हो गई है। इस गंभीर अवमानना के मामले में सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने उनकी अस्थायी सदस्यता समाप्त कर दी है, उनके सुप्रीम कोर्ट परिसर में प्रवेश पर रोक लगा दी गई है, और बेंगलुरु में उनके खिलाफ एक आपराधिक स्नढ्ढक्र भी दर्ज की गई है।
सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित कर वकील राकेश किशोर की अस्थायी सदस्यता को तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया है। प्रस्ताव में कहा गया है कि उनका नाम एसोसिएशन की सूची से हटा दिया जाएगा और उनके नाम पर जारी कोई भी कार्ड रद्द कर जब्त कर लिया जाएगा। स्ष्टक्च्र ने सुप्रीम कोर्ट के सेक्रेटरी जनरल को भी सूचित करने का फैसला किया है ताकि किशोर के एक्सेस कार्ड को तुरंत रद्द किया जा सके और उनके अदालत परिसर में प्रवेश पर स्थायी रोक लग सके।
इसके साथ ही, बेंगलुरु पुलिस ने अखिल भारतीय अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष भक्तवचला की शिकायत पर वकील राकेश किशोर के खिलाफ FIR दर्ज की है। यह प्राथमिकी भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 132 (लोक सेवक को कर्तव्य निर्वहन से रोकने के लिए हमला) और 133 (अपमान करने के इरादे से हमला) के तहत दर्ज की गई है, जिससे अब उन पर कानूनी शिकंजा भी कस गया है।
गौरतलब है कि घटना वाले दिन खुद CJI बी.आर. गवई ने उदारता दिखाते हुए वकील को छोड़ने के लिए कहा था और दिल्ली पुलिस ने भी पूछताछ के बाद उन्हें जाने दिया था। लेकिन अब न्यायपालिका की गरिमा पर हमले के इस मामले में कानूनी और अनुशासनात्मक कार्रवाई तेज हो गई है।
सीजेआई पर जूता फेंकने की कोशिश करने वाले वकील पर चौतरफा एक्शन, एससी में एंट्री बैन, बार एसोसिएशन से बर्खास्त,एफआईआर भी दर्ज
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