

देहरादून। कैबिनेट मंत्री खजान दास ने नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य द्वारा एसएसपी कार्यालय में किए गए व्यवहार और इस्तेमाल की गई भाषा की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने इसे पद की गरिमा के विपरीत, अमर्यादित, शर्मनाक और अलोकतांत्रिक करार दिया।
शनिवार को मीडिया से बातचीत में खजान दास ने कहा कि यशपाल आर्य का यह आचरण कांग्रेस के भीतर चल रही अंदरूनी गुटबाजी और आलाकमान को प्रभावित करने की होड़ का नतीजा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के क्षेत्रीय नेता राष्ट्रीय अध्यक्ष और आलाकमान के सामने खुद को बड़ा और चर्चित दिखाने की रस्साकस्सी में लगे हैं।
“यशपाल आर्य हमेशा अपने शांत स्वभाव के लिए जाने जाते रहे हैं। उनका यह उग्र और अमर्यादित रूप देखना दुर्भाग्यपूर्ण है। अराजक और अलोकतांत्रिक दिखने की इस होड़ में बेशक आलाकमान के सामने यशपाल आर्य जीत गए हों, लेकिन जनता की नजर में कांग्रेस फिर हार गई है,” खजान दास ने कहा।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि गुटबाजी की इस लड़ाई में फिलहाल यशपाल आर्य बाजी मारते दिख रहे हैं, लेकिन इस तरह के आचरण से कांग्रेस पार्टी जनता का भरोसा खो रही है।
खजान दास ने कहा कि लोकतंत्र में हर जनप्रतिनिधि को विरोध और अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन प्रशासनिक गरिमा को ठेस पहुंचाना और ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है।
“पुलिस अधिकारी कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कठिन परिस्थितियों में काम करते हैं। जनप्रतिनिधियों को अपने मतभेद संवाद और लोकतांत्रिक मर्यादा के दायरे में रहकर सुलझाने चाहिए,” उन्होंने कहा। कैबिनेट मंत्री ने पूरी घटना को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और अक्षम्य बताया।

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