महाकुंभ 2025: संस्कृति, आस्था और एकता का भव्य संगम

एक विश्वव्यापी सांस्कृतिक चेतना का महोत्सव!

लखनऊ 01मार्च 2025(आरएनएस) महाकुंभ 2025 को लेकर आज लखनऊ स्थित मुख्यमंत्री आवास में एक महत्वपूर्ण भेंटवार्ता हुई, जिसमें उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी से मुलाकात की। इस अवसर पर डॉ. निशंक ने प्रयागराज महाकुंभ 2025 के ऐतिहासिक और दिव्य आयोजन के लिए मुख्यमंत्री जी को हार्दिक बधाई एवं आभार व्यक्त किया।

महाकुंभ: भारत की सांस्कृतिक चेतना का वैश्विक मंच

इस महत्वपूर्ण संवाद के दौरान डॉ. निशंक ने कहा—
“महाकुंभ केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और सनातन परंपराओं का वैश्विक प्रकाशपुंज है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में यह महाकुंभ भारत की सांस्कृतिक चेतना को विश्व पटल पर स्थापित करने का एक ऐतिहासिक अवसर है।”

उन्होंने आगे कहा कि महाकुंभ आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र है, जिसने युगों से भारत को ज्ञान, भक्ति और कर्म का संगम बनाया है। यह आयोजन भारतीय संस्कृति के गौरव का प्रतीक है, जो समूचे विश्व को अपनी दिव्यता से आलोकित करेगा।

वसुधैव कुटुंबकम्: एकता और समरसता का संदेश

डॉ. निशंक ने कहा कि महाकुंभ केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि भारत की सनातन परंपराओं के पुनर्जागरण का पर्व है। यह आयोजन न केवल देश की सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध करता है, बल्कि संपूर्ण विश्व को “वसुधैव कुटुंबकम्” का संदेश भी देता है।

एक संकल्प, एक संदेश!

इस भेंटवार्ता से स्पष्ट हुआ कि प्रयागराज महाकुंभ 2025 केवल भारत ही नहीं, बल्कि संपूर्ण विश्व के लिए एक दिव्य और ऐतिहासिक अवसर होगा। यह महाकुंभ भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिकता और वसुधैव कुटुंबकम् की भावना को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने में सहायक सिद्ध होगा।

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