
देहरादून। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) एक बड़े वित्तीय विवाद में घिरती नजर आ रही है। एक RTI के जवाब में BKTC ने जो खुलासा किया है, उसने नया बवाल खड़ा कर दिया है। BKTC ने RTI में दावा किया कि केदारनाथ धाम स्थित गायत्री भवन में नेहा जोशी और उनके साथियों के प्रवास का भुगतान समिति की ओर से किया गया, लेकिन नेहा जोशी ने सोशल मीडिया पर आए अपने बयान में इस दावे को सिरे से नकारते हुए इसे पूरी तरह झूठ करार दिया है।
नेहा जोशी ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि पिछले वर्ष केदारनाथ के कपाट खुलने के पावन अवसर पर वे अपने साथियों के साथ बाबा के धाम गई थीं और गायत्री भवन में रुकी थीं। डिजिटल भुगतान का विकल्प उपलब्ध न होने के कारण तीनों कमरों का पूरा भुगतान उन्होंने नगद किया था, जिसके साक्ष्य उनके पास मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि गायत्री भवन के कर्मचारी भी इसकी पुष्टि कर सकते हैं। इसके अलावा GMVN में लिए गए दो कमरों का भुगतान भी उनके द्वारा किया गया।
नेहा जोशी ने सवाल उठाया कि जब कमरों का भुगतान पहले ही किया जा चुका था, तो फिर उनके नाम की रसीद काटकर दोबारा BKTC के खजाने से पैसे क्यों और किसने लिए? उन्होंने इसे या तो किसी साजिश के तहत दुर्भावनापूर्ण कृत्य बताया या फिर संस्था में योजनाबद्ध तरीके से की जा रही वित्तीय अनियमितता करार दिया।
उन्होंने मीडिया से निष्पक्ष जांच की अपील करते हुए कहा कि आज वे इस अनियमितता की शिकार हुई हैं, लेकिन कल कोई भी इसका शिकार हो सकता है। उन्होंने विश्वास जताया कि बाबा केदारनाथ के आशीर्वाद से सत्य जल्द सबके सामने आएगा।
इस पूरे मामले ने BKTC की कार्यप्रणाली और आंतरिक वित्तीय प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह होगा कि समिति इस मामले में क्या सफाई देती है और जांच में सच्चाई क्या सामने आती है।

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