
देहरादून/काशीपुर। उत्तराखंड में फर्जी शस्त्र लाइसेंस और अवैध हथियारों के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) और ऊधमसिंह नगर पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई में बड़ी सफलता हासिल की है। काशीपुर क्षेत्र में एक स्विफ्ट कार से भारी मात्रा में अवैध हथियार, कारतूस और फर्जी लाइसेंस बरामद कर संगठित रैकेट का खुलासा किया गया है।
यह कार्रवाई मुख्यमंत्री के “अपराध मुक्त उत्तराखंड” विजन और पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। एसटीएफ द्वारा पहले ही काशीपुर कोतवाली में 4 जून को संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था, जिसकी विवेचना के दौरान यह बड़ी कार्रवाई सामने आई।
एसटीएफ को गोपनीय सूचना मिली थी कि काशीपुर के कटोराताल क्षेत्र में एक कार में अवैध हथियारों का जखीरा मौजूद है। इस सूचना पर तत्काल टीम गठित कर स्थानीय पुलिस के साथ संयुक्त ऑपरेशन चलाया गया। देर रात की गई कार्रवाई में संदिग्ध स्विफ्ट कार (UK18P 5046) को कब्जे में लेकर तलाशी ली गई, जिसमें से 12 बोर की पम्प एक्शन बंदूक, .22 बोर की सेमी ऑटोमैटिक राइफल, .32 बोर की सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल, .32 बोर का रिवॉल्वर, 237 जिंदा कारतूस, चार मैगजीन और सात फर्जी शस्त्र लाइसेंस बरामद किए गए।
पुलिस के अनुसार, बरामद हथियार और फर्जी लाइसेंस काशीपुर निवासी सौरभ अग्रवाल, गौरव अग्रवाल और दीप्ति अग्रवाल से जुड़े हैं, जिनके खिलाफ अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जा रही है। एसटीएफ अब तक इस मामले में तीन मुकदमे दर्ज कर पांच आरोपियों को जेल भेज चुकी है।
जांच में यह भी सामने आया है कि बाहरी राज्यों से फर्जी लाइसेंस बनवाकर उत्तराखंड में अवैध हथियार लाए जा रहे थे और बाद में इन लाइसेंसों को वैध दिखाने की कोशिश की जाती थी। एसटीएफ ने स्पष्ट किया है कि ऐसे सभी तत्व उनके रडार पर हैं और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ ने कहा कि राज्य में हजारों शस्त्र लाइसेंसों का सत्यापन किया जा रहा है और फर्जी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आमजन से भी अपील की कि यदि किसी को संदिग्ध या फर्जी शस्त्र लाइसेंस की जानकारी मिले तो तुरंत एसटीएफ को सूचित करें, सूचनाकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
इस कार्रवाई में निरीक्षक अरुण कुमार, निरीक्षक एमपी सिंह सहित एसटीएफ टीम के अन्य सदस्य शामिल रहे।

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