कर कर्मियों की मांगों पर मिली बड़ी कामयाबी, 27 को शासन स्तर पर बैठक

देहरादून। उत्तराखण्ड राज्य कर विभाग के कर्मचारियों की लंबित 10 सूत्रीय मांगों को लेकर आज कार्यालय आयुक्त कर, मुख्यालय, रिंग रोड,देहरादून में एक महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में आयुक्त कर आईएएस सोनिका सिंह और उत्तराखण्ड राज्य कर मिनिस्ट्रीयल स्टाफ एसोसिएशन के प्रतिनिधिमण्डल के बीच विस्तृत चर्चा हुई।

एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष जगमोहन सिंह नेगी के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमण्डल में प्रांतीय संरक्षक भरत सिंह राणा, प्रांतीय सलाहकार मनमोहन सिंह नेगी, प्रांतीय संगठन मंत्री सुरेश शर्मा, प्रांतीय प्रवक्ता सुनील निरंजन, मुख्यालय शाखा अध्यक्ष जसवन्त सिंह खोलिया, एवं मुख्यालय शाखा मंत्री पिंकेश रावत शामिल रहे।

बैठक में मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी— विशेष आयुक्त राज्य कर आई.एस. बृजवाल, अपर आयुक्त अनिल सिंह, आयुक्त कर महोदया के स्टाफ ऑफिसर, उपायुक्त यशपाल सिंह, एवं उपायुक्त संजीव त्रिपाठी—भी उपस्थित रहे।

वार्ता के दौरान आयुक्त कर महोदया सोनिका सिंह ने कर्मचारियों की सभी 10 सूत्रीय लंबित मांगों पर पूर्ण रूप से सकारात्मक आश्वासन दिया। साथ ही उन्होंने बताया कि इन मांगों पर शासन स्तर पर अगली बैठक दिनांक 27 अक्टूबर 2025 को सचिव वित्त आईएएस दिलीप जावलकर के साथ निर्धारित की गई है।

प्रांतीय अध्यक्ष जगमोहन सिंह नेगी ने अवगत कराया कि राज्य कर विभाग के कर्मचारी बीते 18 दिनों से अपनी लंबित मांगों के समर्थन में काली पट्टी बांधकर राजकीय कार्य कर रहे हैं। यह सांकेतिक विरोध सरकार और शासन को उनके मुद्दों की गंभीरता से अवगत कराने के उद्देश्य से किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि कर्मचारियों ने सदैव प्रशासनिक अनुशासन और संवेदनशीलता के साथ अपने दायित्व निभाए हैं, परंतु अब अपेक्षा है कि शासन उनके हितों पर ठोस निर्णय लेगा।

आयुक्त कर महोदया द्वारा दिए गए सकारात्मक संकेत और 27 अक्टूबर को होने वाली शासन स्तर की वार्ता के संदर्भ में अगला निर्णय 25 अक्टूबर 2025 को काशीपुर में आयोजित प्रांतीय कार्यकारिणी की बैठक में सर्वसम्मति से लिया जाएगा।

बता दें कि राज्य कर विभाग के कर्मचारी लंबे समय से वेतन विसंगतियों, पदोन्नति प्रक्रिया, पदनाम परिवर्तन, और सेवा नियमों में सुधार सहित दस सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं।
विभागीय कर्मचारियों ने सरकार से शीघ्र समाधान की मांग की थी और चेतावनी दी थी कि यदि शीघ्र निर्णय न लिया गया तो विरोध को चरणबद्ध रूप से तेज किया जाएगा।

अब आयुक्त कर द्वारा मिले सकारात्मक संकेतों के बाद कर्मचारियों में आशा का नया संचार हुआ है, जबकि सभी की निगाहें अब 27 अक्टूबर को होने वाली शासन स्तर की बैठक पर टिकी हैं।

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