कई घर-दुकानें क्षतिग्रस्त, सीएम धामी ने लिया जायजा
चमोली/थराली, 23 अगस्त। उत्तराखंड के चमोली जिले के थराली कस्बे में शुक्रवार देर रात बादल फटने की घटना ने भारी तबाही मचाई। इस प्राकृतिक आपदा के कारण एक युवती की मलबे में दबने से मौत हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति के लापता होने की सूचना है। थराली बाजार, केदारबगढ़, राडिबगढ़ और चेपड़ों क्षेत्रों में भारी नुकसान हुआ है। एसडीएम आवास, तहसील परिसर और कई मकानों में मलबा घुस गया, जिससे कई वाहन और दुकानें भी क्षतिग्रस्त हो गईं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस घटना पर गहरा दुख जताते हुए राहत और बचाव कार्यों की गहन निगरानी शुरू कर दी है।
आपदा का भयावह मंजर
जिला आपदा कंट्रोल रूम के अनुसार, शुक्रवार रात करीब 1 बजे थराली कस्बे में भारी बारिश के बीच बादल फटने की घटना हुई। तेज प्रवाह के साथ आए पानी और मलबे ने थराली बाजार और आसपास के क्षेत्रों को अपनी चपेट में ले लिया। सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं, और कई आवासीय भवनों, एसडीएम आवास, तहसील परिसर और दुकानों में मलबा भर गया। सागवाड़ा गांव में एक युवती मलबे में दब गई, जिसकी मौत हो गई। एक अन्य व्यक्ति के लापता होने की सूचना ने क्षेत्र में दहशत बढ़ा दी है।

थराली ब्लॉक प्रमुख प्रवीण पुरोहित ने बताया कि तीन स्थानों पर बादल फटने की घटना हुई, जिसके कारण भारी तबाही मची। नगर पंचायत थराली की अध्यक्ष सुनीता रावत के आवास के पास 10 से 12 फीट मलबा जमा हो गया। थराली बाजार में 20 से 40 मीटर के दायरे में कई दुकानें बह गईं, और एसडीएम आवास की दीवार भी टूट गई। कर्णप्रयाग-ग्वालदम सड़क कई जगहों पर क्षतिग्रस्त हो गई है, जिसे सुचारू करने के लिए प्रशासन ने तत्काल कार्य शुरू कर दिया है।
राहत और बचाव कार्य शुरू
घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ (स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स), और डीडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंच गईं। एनडीआरएफ (नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स) की टीमें भी आपदा क्षेत्र के लिए रवाना हो चुकी हैं। राहत और बचाव कार्य तेजी से चल रहे हैं, और मलबे में दबे लोगों को निकालने के साथ-साथ प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक सहायता पहुंचाई जा रही है। जिला प्रशासन ने थराली तहसील के कक्षा 12 तक के सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में शनिवार को अवकाश घोषित कर दिया है ताकि बचाव कार्यों में कोई बाधा न आए।

जिलाधिकारी डॉ. संदीप तिवारी ने बताया कि प्रशासन और पुलिस की टीमें मौके पर मौजूद हैं, और राहत कार्य प्राथमिकता के आधार पर किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, “हमारी प्राथमिकता प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना और नुकसान का आकलन करना है। सड़कों को जल्द से जल्द सुचारू करने का प्रयास किया जा रहा है।”
मुख्यमंत्री धामी की सक्रियता
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस आपदा पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपने संदेश में कहा, “चमोली जनपद के थराली क्षेत्र में देर रात बादल फटने के कारण मलबे में दबने से एक युवती के निधन पर गहरा दुःख प्रकट करता हूँ। लापता व्यक्ति के सुरक्षित होने की ईश्वर से कामना करता हूँ।” उन्होंने स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने चमोली के जनप्रतिनिधियों से टेलीफोन पर बात कर नुकसान का विस्तृत ब्यौरा लिया और स्थानीय विधायक से मौके पर रहकर राहत कार्यों का भौतिक निरीक्षण करने को कहा। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों से प्रशासन के साथ मिलकर राहत कार्यों में सहयोग करने का अनुरोध किया।

क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल
बादल फटने के बाद थराली और आसपास के क्षेत्रों में अफरा-तफरी का माहौल है। मलबे और पानी के तेज बहाव के कारण कई परिवार अपने घरों से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थानों की ओर भागे। स्थानीय लोगों ने बताया कि रात के समय अचानक आए मलबे और पानी ने पूरे क्षेत्र को हिलाकर रख दिया। कई लोग अपने सामान और मवेशियों को बचाने की कोशिश में जुटे रहे।
बारिश का कहर जारी
उत्तराखंड में इस मानसून सीजन में बारिश और भूस्खलन से नुकसान का सिलसिला थम नहीं रहा है। थराली की यह घटना राज्य में हाल के दिनों में हुई कई प्राकृतिक आपदाओं में से एक है। विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन और अनियोजित निर्माण के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं। प्रशासन ने लोगों से नदियों और गदेरों के किनारे न जाने की अपील की है।

आगे की राह
प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता प्रदान करने और क्षतिग्रस्त सड़कों को ठीक करने का काम शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री धामी ने केंद्र सरकार से भी संपर्क कर अतिरिक्त सहायता मांगने का आश्वासन दिया है। स्थानीय लोग और जनप्रतिनिधि प्रशासन के साथ मिलकर स्थिति को सामान्य करने में जुटे हैं।

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