देहरादून। उत्तराखंड पुलिस की अपराध अनुसंधान शाखा (सीबीसीआईडी) ने निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले ‘धेनु ग्रुप’ के मुख्य अभियुक्त देवेन्द्र प्रकाश तिवारी को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। ₹50,000 के ईनामी इस शातिर ठग को आगरा (उत्तर प्रदेश) से गिरफ्तार किया गया है। वह पिछले 6 वर्षों से पुलिस की आंखों में धूल झोंककर फरार चल रहा था।
सीबीसीआईडी सेक्टर देहरादून के निरीक्षक वेद प्रकाश थपलियाल के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। उत्तराखंड एसटीएफ और कानपुर एसटीएफ के साथ चलाए गए एक साझा ऑपरेशन के दौरान, अभियुक्त देवेन्द्र तिवारी को आगरा के थाना डोकी क्षेत्र से घेराबंदी कर पकड़ा गया। शुक्रवार को अभियुक्त को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) हरिद्वार के समक्ष पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
कानपुर स्थित धेनु ग्रुप का निदेशक देवेन्द्र तिवारी अपने भाई अनिल कुमार तिवारी के साथ मिलकर गिरोह चला रहा था। देवेंद्र तिवारी का भाई अनिल कुमार तिवारी पहले ही पुलिस के हत्या चल चुका था जिसे पुलिस मुंबई से गिरफ्तार किया था। अब देवेन्द्र की गिरफ्तारी के साथ ही धेनु एग्रो प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड से जुड़े सभी 6 नामजद आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई पूरी कर ली गई है।
जांच में सामने आया है कि इन दोनों सगे भाइयों ने निवेशकों को लुभावनी योजनाओं का झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी की थी। इनके विरुद्ध केवल उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों जैसे कानपुर,बरेली,लखीमपुर खीरी और जालौन में धोखाधड़ी के एक दर्जन से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस मुख्यालय उत्तराखंड ने इस गिरफ्तारी को सीबीसीआईडी की एक बड़ी उपलब्धि बताया है।

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