

75 करोड़ की योजना में पारदर्शिता पर सवाल, मंत्री से संशोधन की मांग, नहीं तो डीएम कार्यालय और मंत्री आवास घेरेंगे
उत्तरकाशी। यमुनोत्री विधायक संजय डोभाल ने मौजूदा जिला योजना में जनप्रतिनिधियों के प्रस्तावों की अनदेखी का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि करीब 75 करोड़ रुपये की जिला योजना बनाते समय उनके विधानसभा क्षेत्र से जुड़े कई प्रस्तावों को दरकिनार कर दिया गया और दूसरे क्षेत्र के प्रतिनिधियों के प्रस्तावों को प्राथमिकता दी गई।
सोमवार को लोनिवि विश्राम गृह में पत्रकारों से बातचीत में विधायक डोभाल ने कहा कि जिला योजना में पारदर्शिता के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की गई है। “जिला योजना के नाम पर पैसे इकट्ठे हुए हैं और यह साबित भी हो चुका है। अधिकांश निजी प्रस्ताव शामिल किए गए हैं, जिससे साफ है कि योजनाएं जनता की जरूरत के आधार पर नहीं, बल्कि व्यक्तिगत पसंद से चुनी गई हैं,” उन्होंने आरोप लगाया।
विधायक ने बताया कि लोनिवि, वन विभाग, माध्यमिक शिक्षा और हाइड्रम जैसे महत्वपूर्ण विभागों में उनके द्वारा भेजे गए प्रस्तावों के लिए कोई राशि आवंटित नहीं की गई है। उन्होंने इसे “खुलेआम भ्रष्टाचार” करार देते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
संजय डोभाल ने मांग की कि प्रत्येक स्वीकृत योजना के प्रस्तावक और संस्तुति करने वाले का विवरण सार्वजनिक किया जाए, ताकि पता चल सके कि योजना किसके कहने पर स्वीकृत हुई।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रभारी मंत्री एक सप्ताह के भीतर जिला योजना में संशोधन नहीं करते और सूची को निरस्त या संशोधित नहीं किया जाता, तो वह जिला मुख्यालय में जिलाधिकारी कार्यालय और प्रभारी मंत्री के आवास का घेराव करेंगे।
विधायक के इस बयान के बाद जिला योजना को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। प्रशासन की ओर से अभी इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

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