
देहरादून। एनसीसी डायरेक्टरेट उत्तराखंड के तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत गुरुवार को दूसरे दिन सीनियर डिवीजन के कैडेट्स ने खलंगा क्षेत्र में ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण किया। इस दौरान कैडेट्स ने सागरताल से खलंगा वॉर मेमोरियल तक पैदल यात्रा कर क्षेत्र के समृद्ध सैन्य इतिहास की जानकारी प्राप्त की।
कार्यक्रम के तहत प्रतिदिन लगभग 200 कैडेट्स अपने अधिकारियों के साथ इस भ्रमण में शामिल हो रहे हैं। दूसरे दिन प्रातः 5:30 बजे सागरताल पहुंचने पर बलभद्र खलंगा विकास समिति की ओर से कैप्टन वाई.बी. थापा के नेतृत्व में टीम ने कैडेट्स का स्वागत किया।
इस अवसर पर कैप्टन वाई.बी. थापा ने सागरताल के ऐतिहासिक महत्व और एंग्लो-गोरखा युद्ध की पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए कैडेट्स को महत्वपूर्ण जानकारी दी। इसके बाद सभी कैडेट्स ने पैदल मार्च करते हुए खलंगा वॉर मेमोरियल तक पहुंचकर वहां के इतिहास को समझा।
वॉर मेमोरियल पर कैडेट्स को 216 वर्ष पूर्व हुए एंग्लो-गोरखा युद्ध, उस समय की भौगोलिक परिस्थितियों और युद्ध की पूरी घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी दी गई। कैडेट्स ने उत्सुकता के साथ प्रश्न पूछे, जिनका विस्तार से उत्तर दिया गया।
कैप्टन वाई.बी. थापा के साथ इस अवसर पर सूबेदार मेजर महेश कुमार, सूबेदार जितेंद्र सिंह, हवलदार महावीर सिंह, नायक जितेंद्र यादव, हवलदार पंकज थापा, एएनओ धर्मेंद्र, एएनओ गौरव और श्रीमती रेणु भी मौजूद रहीं। इनके अलावा समिति की ओर से कैप्टन सूरज थापा, डमर बहादुर थापा, शमशेर बहादुर थापा, संजय थापा और जगदीश बस्नेत ने भी कार्यक्रम में सक्रिय सहयोग दिया।
कार्यक्रम में एनसीसी के अधिकारियों और स्टाफ के साथ बड़ी संख्या में कैडेट्स उपस्थित रहे। इस आयोजन का उद्देश्य युवाओं में देशभक्ति की भावना और ऐतिहासिक विरासत के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

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