“सिर्फ अफसर नहीं, अभिभावक भी! डीएम सविन बंसल ने संवासनियों की सुध लेकर पेश की मानवता की मिसाल”

नारी निकेतन की महिलाओं को सिटी पार्क भ्रमण, खुले वातावरण में मिला मानसिक संबल

देहरादून। जिला प्रशासन ने नारी निकेतन में निवासरत संवासनियों के मानसिक एवं भावनात्मक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने की दिशा में एक संवेदनशील पहल करते हुए उन्हें शहर के सिटी पार्क में भ्रमण कराया। यह कार्यक्रम जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशों के अनुपालन में जिला प्रोबेशन कार्यालय के माध्यम से राजकीय महिला कल्याण एवं पुनर्वास केन्द्र, नारी निकेतन की महिलाओं के लिए आयोजित किया गया। प्रशासन का उद्देश्य महिलाओं को सकारात्मक, खुला और प्राकृतिक वातावरण उपलब्ध कराकर उनके भीतर आत्मबल, आशा और सामान्य जीवन का अनुभव विकसित करना रहा।

भ्रमण के दौरान महिलाओं ने पार्क की हरियाली, स्वच्छ वातावरण और खुले आसमान के नीचे समय बिताते हुए प्रसन्नता व्यक्त की। लंबे समय बाद बाहरी माहौल से जुड़ाव मिलने पर उनके चेहरों पर संतोष और आत्मविश्वास साफ झलका। इस अवसर को और आनंददायक बनाने के लिए संवासनियों ने समूह में टहलना, आपसी संवाद, हल्की मनोरंजक गतिविधियां तथा डांस जैसी एक्टिविटी में हिस्सा लिया। दिन का भोजन भी सिटी पार्क में ही कराया गया, जिससे कार्यक्रम का अनुभव और सहज व यादगार बन सका।

जिला प्रशासन ने इस पहल को केवल भ्रमण तक सीमित नहीं, बल्कि पुनर्वास प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया है। प्रशासन के अनुसार, बाहरी दुनिया से सकारात्मक संपर्क स्थापित होने पर संवासनियों में सामाजिक समायोजन की भावना बढ़ती है और वे बेहतर ढंग से आगे के जीवन के लिए तैयार होती हैं। इस तरह के कार्यक्रमों से नारी निकेतन के भीतर भी सकारात्मक बदलाव और उत्साह का माहौल बन रहा है।

कार्यक्रम के दौरान जिला प्रोबेशन अधिकारी एवं उपस्थित कार्मिकों ने संवासनियों से आत्मीय संवाद कर उनकी आवश्यकताओं, समस्याओं और सुझावों को भी जाना। प्रशासन की ओर से आश्वस्त किया गया कि भविष्य में भी समय-समय पर ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि नारी निकेतन में रहने वाली महिलाओं को सामान्य जीवन की अनुभूति हो और उनके समग्र विकास को बल मिले।

जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि समाज के कमजोर और संवेदनशील वर्गों के प्रति प्रशासन की जिम्मेदारी केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें सम्मानजनक, स्वस्थ और सकारात्मक जीवन की ओर अग्रसर करना भी उतना ही आवश्यक है। नारी निकेतन की संवासनियों के लिए यह पहल उसी दिशा में एक छोटा, लेकिन प्रभावी प्रयास है—जो आगे चलकर उनके पुनर्वास और सामाजिक पुनर्स्थापन में सहायक सिद्ध होगा।

इस अवसर पर जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, अधीक्षिका सोनल राणा तथा अन्य स्टाफ उपस्थित रहे।

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