

देहरादून/सिनोला। बाबा हरदेव सिंह जी के दिव्य संदेश “प्रदूषण अंदर हो या बाहर दोनों ही हानिकारक है” को साकार करते हुए संत निरंकारी मिशन ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अपने महाअभियान ‘वननेस वन-प्रकृति के साथ समरसता’ का छठा चरण प्रारंभ किया। सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज एवं निरंकारी राजपिता रमित जी के आशीर्वाद से अगस्त 2021 में शुरू हुई यह पहल आज देशव्यापी जन आंदोलन का रूप ले चुकी है।
सिनोला (जोन 55 मसूरी) ब्रांच में संयोजक नरेश विरमानी, क्षेत्रीय संचालक, मुखी, सेवादल और साध संगत ने मिलकर 50 पौधों का वृक्षारोपण किया। मिशन अब तक देशभर में लगभग 350 वृक्ष समूह स्थापित कर चुका है, जबकि 600 से अधिक ‘वननेस वन’ स्थलों पर श्रद्धालु वृक्षों का संरक्षण कर रहे हैं।
संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन द्वारा 23 अगस्त को आयोजित इस महाअभियान में देशभर के 630 स्थानों पर एक साथ वृक्षारोपण किया गया। लाखों श्रद्धालुओं और स्वयंसेवकों ने समर्पित भाव से भागीदारी निभाते हुए लगभग 10 लाख पौधों का रोपण किया।

इस अभियान की विशेषता यह है कि मिशन केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उन्हें वृक्ष बनने तक तीन से पाँच वर्षों तक नियमित देखभाल का संकल्प निभाता है। इससे सघन लघु वन विकसित होंगे, जैव विविधता समृद्ध होगी और स्थानीय इकोसिस्टम सशक्त बनेगा।
आज जब विश्व जलवायु परिवर्तन और प्रदूषण जैसी चुनौतियों से जूझ रहा है, ऐसे समय में संत निरंकारी मिशन का यह हरित संकल्प नागरिकों को प्रकृति के साथ सह-अस्तित्व का संदेश देता है। यह अभियान हमें याद दिलाता है कि धरती हमारी साझा जिम्मेदारी है और आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित भविष्य का निर्माण करना हमारा कर्तव्य है।

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