‘हमारा भविष्य दांव पर’: ओपीएस बहाली की मांग को लेकर सड़क पर उतरे मिनिस्ट्रीयल कर्मचारी

25 सितंबर को डीएम कार्यालय तक निकालेंगे रैली, 12 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपेंगे — गोल्डन कार्ड की विसंगतियों का समाधान भी एजेंडे में शामिल

पौड़ी। पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) की बहाली और गोल्डन कार्ड योजना में व्याप्त विसंगतियों के समाधान की मांग को लेकर पौड़ी जनपद में मिनिस्ट्रीयल कर्मचारियों का आंदोलन लगातार जारी है। उत्तरांचल फेडरेशन ऑफ मिनिस्ट्रीयल सर्विसेज एसोसिएशन, उत्तराखंड की प्रांतीय कार्यकारिणी के आह्वान पर कर्मचारियों ने विभिन्न विभागों में गेट मीटिंग कर काला फीता धारण किया। आंदोलन का अगला चरण 25 सितंबर को तय है, जब जनपद के सभी मिनिस्ट्रीयल कर्मचारी रैली के रूप में जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर संगठन की 12 सूत्रीय मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपेंगे।

स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग और ग्राम्य विकास निदेशालय सहित विभिन्न कार्यालयों में आयोजित गेट मीटिंग में कर्मचारियों ने काला फीता धारण कर एकजुटता दिखाई। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं होती, संगठन के निर्देशानुसार आंदोलनात्मक कार्यक्रम जारी रहेंगे।

जनपद अध्यक्ष सीताराम पोखरियाल ने कहा कि पुरानी पेंशन कर्मचारियों के भविष्य और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। उन्होंने कहा, “लंबे समय तक सरकारी सेवा करने वाले कर्मचारी सेवानिवृत्ति के बाद सम्मानजनक एवं सुनिश्चित सामाजिक सुरक्षा की अपेक्षा रखते हैं।” पोखरियाल ने कहा कि ओपीएस/एनपीएस का विषय केवल वर्तमान कर्मचारियों का नहीं, बल्कि उनके परिवारों के भविष्य से भी जुड़ा है, इसलिए सरकार को इस पर गंभीरता से विचार कर सकारात्मक निर्णय की दिशा में पहल करनी चाहिए।

फेडरेशन पदाधिकारियों ने कहा कि राज्य सरकार की गोल्डन कार्ड योजना का उद्देश्य कर्मचारियों और पेंशनरों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देना है, लेकिन योजना में व्याप्त विसंगतियों के कारण कर्मचारियों को कई स्तरों पर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। संगठन ने गोल्डन कार्ड को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और व्यवहारिक बनाने के साथ-साथ उपचार संबंधी समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग की है।

फेडरेशन के मुताबिक 25 सितंबर को जनपद के समस्त मिनिस्ट्रीयल कर्मचारी रैली के रूप में जिलाधिकारी कार्यालय पौड़ी पहुंचेंगे और 12 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपेंगे। संगठन ने सभी विभागों के कर्मचारियों से अधिक से अधिक संख्या में रैली में शामिल होने की अपील की है।

12 सूत्रीय मांगों में पुरानी पेंशन योजना की बहाली, गोल्डन कार्ड की विसंगतियों का समाधान, मिनिस्ट्रीयल संवर्ग की पदोन्नति व सेवा संबंधी लंबित प्रकरणों का निस्तारण, रिक्त पदों पर भर्ती, पदों का पुनर्गठन, वेतन व सेवा विसंगतियों का समाधान और एसीपी/एमएसीपी से जुड़े लंबित प्रकरणों के निस्तारण समेत अन्य न्यायोचित मांगों का समयबद्ध समाधान शामिल है।

गढ़वाल मंडल अध्यक्ष रेवती नंदन डंगवाल ने कहा, “प्रदेशभर में मिनिस्ट्रीयल कर्मचारियों द्वारा आंदोलन को मजबूती दी जा रही है। संगठन पूरी एकजुटता के साथ अपने अधिकारों और न्यायोचित मांगों को सरकार के समक्ष रखेगा।” संरक्षक संजय नेगी ने कहा कि सरकार को कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए सकारात्मक और समयबद्ध पहल करनी चाहिए; संगठन संवाद और लोकतांत्रिक तरीके से ही मांगें आगे बढ़ा रहा है।

जनपदीय सचिव दीपक गोड़ियाल ने बताया कि रैली को सफल बनाने के लिए विभिन्न विभागों में संपर्क किया जा रहा है। फेडरेशन के अनुसार रैली और ज्ञापन के बाद आंदोलन की आगामी रणनीति प्रांतीय कार्यकारिणी के निर्देशानुसार तय की जाएगी; संगठन का प्रयास वार्ता और लोकतांत्रिक माध्यम से मांगों का समाधान कराने का है।

कार्यक्रम में सीताराम पोखरियाल, रेवती नंदन डंगवाल, संजय नेगी, दीपक गोड़ियाल के अलावा संदीप भट्ट, कामिनी रावत, भावना नेगी, मनोज घिल्डियाल, अंकित भट्ट, विकास रावत, हरेंद्र रावत, विनील राणा, अमित, राजेंद्र प्रसाद जुयाल, अनिल नौटियाल, नरेंद्र रावत, दिनेश गैरोला, आनंद लिंगवाल, दीपक जखमोला, नेत्र सिंह रावत, मीरा रावत, कपिल रावत, दिगंबर रावत, जसवंत रावत, प्रदीप नेगी सहित बड़ी संख्या में मिनिस्ट्रीयल कर्मचारी उपस्थित रहे।

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