निजी-सरकारी विश्वविद्यालयों की साझेदारी से शोध को मिलेगी नई रफ्तार, मंत्री डॉ धन सिंह ने दिए सेमिनार के निर्देश

निजी विश्वविद्यालय भी आयोजित करेंगे अंतर विश्वविद्यालय प्रतियोगिता

देहरादून। प्रदेश के राजकीय एवं निजी विश्वविद्यालय शोध एवं नवाचार पर मिलकर कार्य करेंगे। साथ ही विकसित भारत-2047 की थीम पर अलग-अलग विषयों को लेकर सेमिनार भी आयोजित करेंगे। सामाजिक दायित्वों के अंतर्गत प्रत्येक विश्वविद्यालय पांच-पांच गांव गोद लेंगे तथा उनमें मूलभूत सुविधाओं के साथ ही नशा मुक्ति एवं स्वच्छता कार्यक्रमों में सहयोग करेंगे।

सूबे के उच्च शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत की अध्यक्षता में विधानसभा स्थित सभागार में आयोजित निजी विश्वविद्यालयों की बैठक में एनईपी-2020 के प्रावधानों के तहत शोध एवं नवाचार के क्षेत्रों में मिलकर काम करने का निर्णय लिया गया। जिसमें राज्य विश्वविद्यालय एवं निजी विश्वविद्यालय आपसी समन्वय बनाकर कार्य करेंगे। इसके अलावाा निजी विश्वविद्यालय भी खेल एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं का आयोजन करेंगे, ताकि प्रदेश के युवाओं को अपनी संस्कृति के संरक्षण के साथ ही अपनी खेल प्रतिभा को प्रदर्शित करने का मौका मिल सकेगा। बैठक में इस बात पर भी सहमति बनी है कि सभी निजी व राज्य विश्वविद्यालय विकसित भारत-2047 की थीम पर आधािरत विभिन्न विषयों का चयन कर दो-दो सेमिनार आयोजित करेंगे। जिसमें छात्र-छात्राओं के साथ ही वक्ता के रूप में विषय विशेषज्ञों, पद्मश्री प्राप्त व्यक्तियों के अलावा राज्यपाल, मुख्यमंत्री, केन्द्रीय मंत्रीगणों, सांसदगणों, राज्य के मंत्रीगणों व अन्य गणमान्य व्यक्तियों को भी आमंत्रित किया जायेगा।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि राज्य एवं निजी विश्वविद्यालय अपने सामाजिक दायित्वों के तहत अपने आसपास के पांच-पांच गांवों को गोद लेकर उनको आदर्श गांवों के रूप में विकसित करेंगे। इसके अलावा अपने निकटतम एक आंगनवाड़ी केन्द्र अथवा राजकीय प्राथमिक को गोद लेकर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करायेंगे। बैठक में शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर करने के साथ ही रोजगारपरक पाठ्यक्रमों को संचालित करने व एनईपी-2020 के प्रावधानों के तहत स्थानीय संस्कृति, भाषा एवं धरोहरों को संरक्षित करते हुये उन्हें पाठ्यक्रमों में शामिल किया जायेगा।

निजी विश्वविद्यालयों की समस्याओं एवं सुझावों को सरकार तक पहुंचाने के लिये शासन स्तर पर एक आनलाइन पोर्टल बनाये जाने पर भी सहमति बनी, ताकि निजी विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों को छोटी-छोटी बातों के लिये शासन के चक्कर काटने के बजाय सीधे आॅनलाइन माध्यम से पोर्टल पर अपने समस्याओं व सुझावों को दर्ज किया जा सके।

बैठक में उच्च शिक्षा सचिव बी.वी.आर.सी. पुरूषोत्तम, अपर सचिव मनुज गोयल, उत्तरांचल विश्वविद्यालय के चैयरमैन जितेन्द्र जोशी, क्वांटम विश्वविद्यालय के चैयरमैन अजय गोयल, हरिद्वार विश्वविद्यालय के चैयरमैन एस.के. गुप्ता, ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय, पतंजलि विश्वविद्यालय, श्रीगुरूराम राय विश्वविद्यालय, स्वामीराम हिमालयन विश्वविद्यालय यूपीएस विश्वविद्यालय, आईएमएस विश्वविद्यालय, डीआईटी विश्वविद्यालय सहित दो दर्जन से अधिक निजी विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों एवं विभागीय अधिकारियों ने प्रतिभाग किया।

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