नई दिल्ली ,17 फरवरी(आरएनएस)। देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोमवार को आए भूकंप के झटकों को लेकर लोगों ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि भूकंप के झटके महसूस किए जाने के बाद वो अपने घरों से बाहर निकलकर खुले स्थान में आ गए। यह काफी डरावना था।
गाजियाबाद के इंदिरापुरम में रहने वाले अजय कुमार भूकंप ने बताया कि यह भूकंप 5:36 मिनट पर आया। जिस तरह से ट्रेन का डिब्बा हिलता है, ठीक उसी प्रकार से हमारा पूरा मकान हिल गया, हमारी पूरी छत हिल गई। एक पल के लिए हम और हमारा पूरा परिवार घबरा गए। भूकंप के झटके महसूस किए जाने के बाद हमारे बच्चे उठकर बैठ गए।
लोग बोले, भूकंप के झटके महसूस किए जाने के बाद हमारे बच्चे काफी घबरा गए। इसके बाद हम सभी घर से बाहर निकल गए। केवल हम ही नहीं, बल्कि पूरी कॉलोनी बाहर आ गई। सभी एक दूसरे से यह कहती हुई दिख रही थी कि भूकंप आया है। एक पल के लिए ऐसा लगा कि जैसे सारी चीजें एक स्थान से उठकर दूसरे स्थान पर आ रही हो।
वहीं, एक अन्य शख्स ने बताया कि यह भूकंप करीब 5: 36 मिनट पर आया था। काफी तेज था। हम सभी काफी डर गए। इसके बाद पूरी बिल्डिंग में रहने वाले सभी लोग बाहर आ गए। एक पल तो समझ ही नहीं आया कि हो क्या रहा है। बिस्तर से उठे भर थे कि सब हिलता हुआ महसूस हुआ। कुछ आवाज सी भी आई और फिर कंफर्म हो गया कि ये भूकंप ही है। बता दें कि दिल्ली एनसीआर में सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए। राष्ट्रीय भूकंप केंद्र के अनुसार, रिक्टर स्केल पर तीव्रता 4.0 मापी गई थी। इसका केंद्र नई दिल्ली में जमीन से पांच किलोमीटर की गहराई पर था। यह 28.59 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 77.16 डिग्री पूर्वी देशांतर पर था। गहराई कम होने और केंद्र दिल्ली में होने के कारण दिल्ली-एनसीआर में इसे ज्यादा महसूस किया गया।
भूकंप से सहमे लोग बोले, ‘ जैसे ट्रेन का डिब्बा हिलता है, ठीक वैसे हिल रहे थे मकान’
ऐसी और भी खबरें पढ़ने के लिए बने रहें merouttarakhand.in के साथ।
Subscribe our Whatsapp Channel
Like Our Facebook & Instagram Page
Subscribe our Whatsapp Channel
Like Our Facebook & Instagram Page

Recent Comments