

देहरादून। भारतीय हॉकी टीम की जर्सी के रंग को लेकर नया राजनीतिक विवाद सामने आ गया है। उत्तराखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि खिलाड़ियों और खेलों को राजनीतिक प्रयोग का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए।
यशपाल आर्य ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी अपने बयान में कहा कि भारतीय हॉकी टीम की नीली जर्सी केवल एक रंग नहीं, बल्कि देश के करोड़ों खेल प्रेमियों और खिलाड़ियों की भावनाओं से जुड़ी पहचान है। उनके अनुसार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय खिलाड़ी लंबे समय से ‘Men in Blue’ और ‘The Blue Tigers’ जैसी पहचान के साथ जाने जाते हैं, ऐसे में इस परंपरा में बदलाव की आवश्यकता क्यों महसूस की गई, इसका जवाब सरकार को देना चाहिए।
नेता प्रतिपक्ष ने यह भी सवाल उठाया कि यदि जर्सी के रंग में बदलाव का निर्णय लिया गया है तो क्या यह फैसला हॉकी इंडिया की कार्यकारी समिति (Executive Board) की जानकारी और सहमति से हुआ है। उन्होंने सरकार से पूरी निर्णय प्रक्रिया सार्वजनिक करने की मांग की।
यशपाल आर्य ने आरोप लगाया कि खेलों को राजनीतिक रंग देने की कोशिश उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों का मनोबल और खेलों की ऐतिहासिक पहचान किसी भी राजनीतिक एजेंडे से ऊपर होनी चाहिए। सरकार को इस विषय पर स्पष्ट स्थिति सामने रखनी चाहिए और खेलों को राजनीतिक विवादों से दूर रखना चाहिए।

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