डीएम ने सात बेटियों का सपना साकार कर, सीडीओ संग किया ‘प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा’ का शुभारंभ
देहरादून, 15 फरवरी 2025 (सू.वि.का.)— जिलाधिकारी सविन बंसल द्वारा गरीब, अनाथ एवं असहाय बालिकाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए ‘प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा’ का शुभारंभ किया गया। इस पहल के तहत सात बालिकाओं को ₹2,44,731 की आर्थिक सहायता प्रदान की गई।

कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह के साथ जिलाधिकारी ने बेटियों को आर्थिक सहायता के चेक सौंपे। इस योजना के तहत बालिकाओं को स्नातक, स्नातकोत्तर एवं कौशल शिक्षा के लिए सहयोग प्रदान किया जाएगा। डीएम ने कहा कि, “निर्धन, असहाय बालिकाएँ ही हमारे वास्तविक जीवन की ‘नंदा-सुनंदा’ देवी हैं, जिन्हें आत्मनिर्भर बनाना हमारा कर्तव्य है।”
बेटियों के लिए नया सवेरा
इस योजना के तहत निम्नलिखित सात बालिकाओं को सहायता राशि प्रदान की गई:
- रोशनी – श्री गुरू राम राय विश्वविद्यालय से बी.एससी (योगिक साइंस) के लिए ₹28,975।
- रोनक – राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान से स्नातक की पढ़ाई हेतु ₹25,000।
- शशांक – राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान से 12वीं की पढ़ाई के लिए ₹15,000।
- मीना – पूजा मेकओवर, देहरादून से ब्यूटीशियन कोर्स हेतु ₹50,000।
- आकांक्षा – राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान से 12वीं अध्ययन हेतु ₹15,000।
- मानसी साहू – उत्तरांचल विश्वविद्यालय से पीएचडी के लिए ₹52,500।
- विधि – उत्तरांचल विश्वविद्यालय से होटल मैनेजमेंट कोर्स हेतु ₹58,256।

जिलाधिकारी का संकल्प: कोई बेटी पीछे न छूटे
डीएम सविन बंसल ने कहा कि इस योजना का उद्देश्य ऐसी बेटियों को मदद देना है, जो आर्थिक तंगी या पारिवारिक समस्याओं के कारण शिक्षा से वंचित हो जाती हैं। डीएम ने नैनीताल में रहते हुए 60 बालिकाओं को सशक्त किया था और अब देहरादून में भी यही पहल दोहराने की प्रतिबद्धता जताई।
कैसे होगा चयन?
‘प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा’ के तहत योग्य बालिकाओं का चयन जनता दरबार, बहुद्देशीय शिविर, जिला प्रोबेशन अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के सर्वे के माध्यम से किया जाएगा।
इस मौके पर उपजिलाधिकारी न्यायिक कुमकुम जोशी, डीपीओ (आईसीडीएस) जितेंद्र कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी पूनम चमोली समेत कई अधिकारी उपस्थित रहे।


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