देहरादून, 02 मार्च 2025(आर एनएस) जिलाधिकारी सविन बंसल ने ‘प्रोजेक्ट उत्कर्ष’ के माध्यम से बच्चों को आधुनिक डिजिटल शिक्षा से सुसज्जित करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। जिलाधिकारी ने इस उद्देश्य के लिए IIT मद्रास के साथ एक महत्वाकांक्षी एमओयू हस्तांतरित किया, जो राज्य के विद्यालयों में ऑनलाइन कक्षाओं और वर्चुअल रियलिटी तकनीक का उपयोग करके शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाएगा।
जिलाधिकारी ने इस परियोजना के अंतर्गत कहा, “बच्चे ही समाज का संपूर्ण सूत होते हैं। हमें सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक कक्षा कक्ष में न केवल Wi-Fi और LED टीवी की व्यवस्था हो, बल्कि उन्हें उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट भी उपलब्ध कराया जाए।” यह स्पष्ट करते हुए कि कैसे यह प्रोजेक्ट छात्रों को गणित, विज्ञान और अंग्रेजी जैसे महत्वपूर्ण विषयों में ज्ञान अर्जित करने में समर्थ बनाएगा, उन्होंने कहा, “हमारी कोशिश है कि सभी बच्चों को एक समान डिजिटल लर्निंग की सुविधा मिले।”

डीएम बंसल ने इसकी शुरुआत के लिए ₹5 करोड़ की धनराशि भी जारी की है, जिसे मुख्य शिक्षा अधिकारी के द्वारा उपयोग में लाया जाएगा। पायलट प्रोजेक्ट के तहत पहले चरण में 50 विद्यालयों का चयन किया जाएगा, जहाँ डिजिटल पढ़ाई की सुविधाएँ लागू की जाएंगी। इस पहल के माध्यम से न केवल शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि शिक्षकों की कमी से भी निपटा जाएगा।
विद्या शक्ति के तहत, बच्चों को इंटरैक्टिव सिमुलेशन और गेमिफिकेशन के माध्यम से ऑनलाइन पढ़ाई की सुविधा दी जाएगी, जिससे वे आसानी से और रोचक तरीके से ज्ञान ग्रहण कर सकेंगे। ओपन मेंटर के प्रतिनिधि डॉ. एस. सुब्रमण्यम ने इस प्रोजेक्ट के संबंध में विस्तार से जानकारी दी और कहा, “यह प्रारंभिक शिक्षा के स्तर में क्रांति लाएगा।”

इस पहल में जिलाधिकारी बंसल का योगदान न केवल प्रशंसनीय है, बल्कि यह दर्शाता है कि वे बच्चों के भविष्य को संवारने और उन्हें एक सुगम डिजिटल लर्निंग अनुभव देने के प्रति कितने प्रतिबद्ध हैं। यह प्रयास निश्चित रूप से शिक्षा के क्षेत्र में एक नई क्रांति का मार्ग प्रशस्त करेगा और उत्तराखंड के बच्चों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में सहायक होगा।


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