

देहरादून। उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर सियासी और कानूनी हलचल के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अंकिता के माता-पिता से नई दिल्ली में मुलाकात की। दोनों के बीच करीब 45 मिनट तक अकेले में बातचीत हुई। कांग्रेस की ओर से बताया गया कि राहुल गांधी ने परिवार को न्याय की लड़ाई में हरसंभव कानूनी सहयोग का भरोसा दिलाया है। मुलाकात की जानकारी 15 अगस्त को सामने आई।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर मुलाकात का जिक्र करते हुए कहा कि अंकिता के परिवार को चार वर्ष बाद भी न्याय का इंतजार है। उन्होंने इस मामले में सामने आए कथित ‘VIP एंगल’ और जांच से जुड़े सवालों को उठाते हुए भाजपा पर राजनीतिक संरक्षण के आरोप लगाए। हालांकि, इन राजनीतिक आरोपों की पुष्टि स्वतंत्र रूप से नहीं हुई है और कथित VIP की भूमिका से जुड़े पहलुओं की जांच अब सीबीआई कर रही है।
अंकिता के माता-पिता और राहुल गांधी की मुलाकात पहले जून में प्रस्तावित थी। राहुल गांधी के उत्तराखंड दौरे के दौरान खराब मौसम के कारण उनका कार्यक्रम प्रभावित हुआ और वे पौड़ी नहीं पहुंच सके। इसके बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने फोन पर राहुल गांधी की अंकिता के माता-पिता से बातचीत कराई थी। उस दौरान राहुल गांधी ने उन्हें दिल्ली आने पर मुलाकात का भरोसा दिया था। अब परिवार ने दिल्ली पहुंचकर राहुल गांधी से मुलाकात की। गणेश गोदियाल के मुताबिक, बैठक के दौरान राहुल गांधी और अंकिता के माता-पिता के बीच काफी देर तक निजी बातचीत हुई और इस दौरान अन्य कांग्रेस नेता बाहर रहे।
पौड़ी गढ़वाल के डोभ-श्रीकोट गांव की रहने वाली 19 वर्षीय अंकिता भंडारी ऋषिकेश के पास वनंतरा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करती थीं। सितंबर 2022 में उनकी हत्या कर दी गई थी। मामले की जांच में रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य और उसके दो कर्मचारियों अंकित गुप्ता तथा सौरभ भास्कर के नाम सामने आए। निचली अदालत ने तीनों आरोपियों को हत्या का दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इसके बावजूद मामले में कथित VIP की भूमिका को लेकर उठे सवालों ने बाद में प्रकरण को एक बार फिर चर्चा में ला दिया।
दिसंबर 2025 में अभिनेत्री उर्मिला सनावर की ओर से सोशल मीडिया पर जारी कथित ऑडियो-वीडियो के बाद अंकिता मामले में VIP एंगल फिर सुर्खियों में आया। इन रिकॉर्डिंग को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए। पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर ने इन ऑडियो को फर्जी/AI निर्मित बताया था, जबकि पुलिस ने मामले की जांच की। ऑडियो की प्रामाणिकता और उससे जुड़े आरोपों को लेकर कानूनी कार्रवाई भी हुई।
जून 2026 में देहरादून पुलिस ने कथित ऑडियो विवाद के सिलसिले में पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर को गिरफ्तार भी किया था। पुलिस कार्रवाई के पीछे लगाए गए आरोप वायरल ऑडियो के जरिए एक भाजपा नेता का नाम अंकिता हत्याकांड से जोड़ने और संबंधित विवाद से जुड़े थे।
वायरल ऑडियो और VIP से जुड़े सवालों के बीच अंकिता के माता-पिता की मांग पर उत्तराखंड सरकार ने जनवरी 2026 में मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। इसके बाद फरवरी में सीबीआई ने कथित VIP एंगल से संबंधित मामला दर्ज कर जांच अपने हाथ में ले ली। सीबीआई की जांच का केंद्र अब उन नए सवालों और साक्ष्यों पर है, जो कथित VIP की भूमिका से जुड़े हैं।
राहुल गांधी से मुलाकात के बाद अंकिता भंडारी प्रकरण एक बार फिर राजनीतिक विमर्श के केंद्र में आ गया है। कांग्रेस जहां मामले में पूर्ण न्याय और कथित VIP की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग कर रही है, वहीं इस पूरे पहलू का अंतिम सच सीबीआई जांच और न्यायिक प्रक्रिया से ही सामने आएगा।

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