पौड़ी में बारिश का अलर्ट: DM स्वाति भदौरिया ने संभाली कमान, फील्ड में उतरे सभी अधिकारी

पौड़ी। जनपद में लगातार हो रही बारिश और मौसम विभाग की चेतावनी के बाद जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आपदा परिचालन केंद्र पहुंचकर जिले की तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा की।

बैठक में DM ने सड़क, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य, संचार और राहत-बचाव व्यवस्थाओं की पल-पल की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि आपदा के समय प्रशासन की प्रतिक्रिया तत्काल और प्रभावी होनी चाहिए। सूचना से लेकर राहत कार्यों तक किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी उपजिलाधिकारियों से संवाद कर DM ने संवेदनशील क्षेत्रों और राहत तैयारियों की जानकारी ली। सभी एसडीएम को फील्ड में सक्रिय रहकर निगरानी करने और राजस्व, ग्राम पंचायत, स्वास्थ्य, लोक निर्माण, विद्युत की संयुक्त टीमों को क्षेत्र में तैनात रखने के निर्देश दिए। राजस्व उपनिरीक्षकों को भी अपने क्षेत्र में मौजूद रहकर घटना की सूचना तुरंत कंट्रोल रूम तक पहुंचाने को कहा।

एसडीएम थलीसैंण ने कुछ जगहों पर बारिश का प्रभाव बताया। DM ने निर्देश दिए कि आंशिक क्षतिग्रस्त भवनों से परिवारों को तत्काल राहत केंद्रों में शिफ्ट किया जाए और राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाए। जिन मोटर मार्गों पर भूस्खलन या मलबे का खतरा है वहां यातायात डायवर्ट किया जाए। मार्ग सुरक्षित घोषित होने के बाद ही यातायात शुरू हो।

एसडीएम श्रीनगर ने बताया कि यात्रा मार्ग पर सुरक्षा को देखते हुए यातायात कुछ समय के लिए रोका गया है। DM ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। जहां यात्रियों को रोका जाए वहां भोजन, पेयजल, शौचालय और ठहरने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। यमकेश्वर में नीलकंठ यात्रा मार्ग पर मलबा आने के कारण यात्रा वैकल्पिक मार्ग से चलाई जा रही है।

कोटद्वार-पौड़ी राजमार्ग पर कोटद्वार-दुगड्डा के बीच 3 और दुगड्डा-गुमखाल के बीच 1 स्थान पर मलबा आने से मार्ग बाधित हुआ था, जिसे मशीनों से खोल दिया गया है। DM ने संवेदनशील मार्गों पर मशीनरी और स्टाफ तैनात रखने के निर्देश दिए।

बिजली और पेयजल पर भी चर्चा हुई। सुमाड़ी की पेयजल आपूर्ति बहाल हो गई है और थापली-मरखोला योजना जल्द शुरू होगी। DM ने निर्देश दिए कि बिजली जाने पर पेयजल प्रभावित न हो इसके लिए पहले से टैंकरों की व्यवस्था रखें। मुख्य चिकित्साधिकारी को सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर स्टाफ अनिवार्य रूप से उपस्थित रखने को कहा।

बैठक के बाद DM ने मुख्यालय में जलभराव वाले क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। कंडोलिया, एजेंसी चौक और राजकीय पुस्तकालय के पास ड्रेनेज सिस्टम, नालियों और स्क्रपर का जायजा लिया। जल निकासी में बाधा बन रहे अवरोध हटाने, ठोस अपशिष्ट साफ करने और क्षतिग्रस्त संकेतक बोर्ड हटाने के निर्देश दिए।

DM ने कहा कि प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता जनपदवासियों और यात्रियों की सुरक्षा है। सभी अधिकारी मुस्तैदी से अपने दायित्व निभाएं।

बैठक में सीडीओ अशोक जोशी, एडीएम एफ आर चौहान, सीएमओ डॉ. शिवमोहन शुक्ला सहित सभी विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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