मुंबई ,17 फरवरी। भारतीय शेयर बाजार के लिए बीता हफ्ता काफी नुकसान वाला रहा। बाजार में चौतरफा बिकवाली देखने को मिली। इस कारण देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस के मार्केट कैप में 67,000 करोड़ रुपये से अधिक की गिरावट देखने को मिली है। 10 फरवरी से लेकर 14 फरवरी तक के कारोबारी सत्र में सेंसेक्स में 1920 अंक या 2.47 प्रतिशत और निफ्टी में 630 अंक या 2.68 प्रतिशत की गिरावट हुई है। इस कारण देश में सबसे अधिक बाजार मूल्यांकन वाली 10 में से 8 कंपनियों का मार्केटकैप 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक कम हो गया है।
इसमें सबसे अधिक नुकसान रिलांयस इंडस्ट्रीज को हुआ है। देश की सबसे बड़ी निजी कंपनी का मार्केटकैप 67,526 करोड़ रुपये कम होकर 16,46,822 करोड़ रुपये रह गया है। वहीं, टीसीएस का बाजार मूल्यांकन 34,950 करोड़ रुपये कम होकर 14,22,903 लाख करोड़ रुपये हो गया है।
इसके अलावा एचडीएफसी बैंक का मार्केट कैप 28,382 करोड़ रुपये घटकर 12,96,708 करोड़ रुपये और आईटीसी का मार्केट कैप 25,429 करोड़ रुपये कम होकर 5,13,699 करोड़ रुपये रह गया है। इन्फोसिस का मार्केटकैप 19,287 करोड़ रुपये गिरकर 7,70,786 करोड़ रुपये और भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) का बाजार पूंजीकरण 13,431 करोड़ रुपये कम होकर 6,44,357 करोड़ रुपये रह गया है।
इसके अतिरिक्त एचयूएल का मार्केटकैप 10,714 करोड़ रुपये कम होकर 5,44,647 करोड़ रुपये और बजाज फाइनेंस का मार्केट कैप 4,230 करोड़ रुपये कम होकर 5,20,082 करोड़ रुपये हो गया है। शीर्ष 10 में बीते हफ्ते केवल भारती एयरटेल और आईसीआईसीआई बैंक के मार्केटकैप में बढ़त दर्ज की गई है।
भारती एयरटेल का मार्केटकैप 22,426 करोड़ रुपये बढक़र 9,78,631 करोड़ रुपये और आईसीआईसीआई बैंक का मार्केट कैप 1,182 करोड़ रुपये बढक़र 8,88,815 करोड़ रुपये हो गया है। बाजार की गिरावट का नेतृत्व निफ्टी रियल्टी इंडेक्स ने किया और यह हफ्ते में 9 प्रतिशत से अधिक फिसल गया। वहीं, निफ्टी ऑयल एंड गैस इंडेक्स में 6 प्रतिशत की गिरावट हुई।
इसके अलावा निफ्टी मिडकैप 150 इंडेक्स में कोरोना के बाद अब तक की सबसे बड़ी गिरावट हुई है। वहीं, निफ्टी स्मॉलकैप 250 इंडेक्स हफ्ते के दौरान 9.5 प्रतिशत फिसल गया, जो कि कोविड-19 के बाद अब तक की सबसे बड़ी गिरावट है। इस दौरान बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स 2.59 प्रतिशत और 3.24 प्रतिशत गिरकर बंद हुए।
शेयर मार्केट की बिकवाली में रिलायंस इंडस्ट्रीज को लगा बड़ा झटका, डूबे 67,000 करोड़ रुपये
ऐसी और भी खबरें पढ़ने के लिए बने रहें merouttarakhand.in के साथ।
Subscribe our Whatsapp Channel
Like Our Facebook & Instagram Page
Subscribe our Whatsapp Channel
Like Our Facebook & Instagram Page

Recent Comments