सिडनी टेस्ट से खुद को बाहर रखने पर रोहित शर्मा ने तोड़ी चुप्पी, किये कई बड़े खुलासे

नईदिल्ली,17 अपै्रल। आईपीएल 2025 के समापन के बाद भारतीय टीम 5 मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए इंग्लैंड का दौरा करने वाली है. ये सीरीज 20 जून से शुरू होगी. भारतीय टेस्ट और वनडे कप्तान रोहित शर्मा इस दौरे को टीम इंडिया के लिए बड़ी चुनौती करार दे रहे हैं, क्योंकि भारत 2007 के बाद से इंग्लैंड में अपनी पहली टेस्ट सीरीज जीतने की उम्मीद कर रहा है.
रोहित ने माइकल क्लार्क से बियॉन्ड 23 क्रिकेट पॉडकास्ट पर पिछले इंग्लैंड टूर के बारे में बात करते हुए कहा, पिछली बार जब हमने इन खिलाडिय़ों के साथ खेला था, तो सीरीज 2-2 से बराबर थी. हमें इनमें से कुछ खिलाडिय़ों (बुमराह और शमी) को 100त्न फिट होने की जरूरत है. जिसके बाद हमारे पास एक शानदार सीरीज होगी, और मैं जानता हूं कि ये खिलाड़ी इन दिनों किस तरह का क्रिकेट खेल रहे हैं. यह निश्चित रूप से हमारे लिए एक अच्छी चुनौती होगी.
भारतीय कप्तान इंग्लैंड सीरीज के दौरान निश्चित रूप से आलोचनाओं का सामना करेंगे, क्योंकि वो 2024-25 बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी सीरीज में बुरी तरह से फ्लॉप रहे थे. 5 मैचों की टेस्ट सीरीज में रोहित ने 3 मैच खेले थे और सिर्फ 31 रन बन सके थे. पहले टेस्ट में वो उपलब्ध नहीं थे जबकि आखिरी टेस्ट में खराब फॉर्म का हवाला देते हुए उन्होंने खुद को टीम से बाहर कर लिया था.
रोहित ने खुद को बाहर रहने के फैसले के बारे में भी खुलकर बात की. उनकी जगह शुभमन गिल को शामिल किया गया था और भारत ने उस मैच को भी छह विकेट से गंवा दिया था. रोहित ने पॉडकास्ट में कहा, मुझे खुद के साथ ईमानदार होना था – मैं गेंद को अच्छी तरह से नहीं मार रहा था, और मैं सिर्फ खेलना नहीं चाहता था. कुछ अन्य खिलाड़ी भी संघर्ष कर रहे थे, और हम वास्तव में चाहते थे कि गिल खेलें. वह बहुत अच्छा खिलाड़ी है इसलिए हमें लगा कि वह एक मौका पाने का हकदार है. मैंने कोच और चयनकर्ता से बात की, जो दौरे पर भी थे, और वे कुछ हद तक सहमत थे, कुछ हद तक नहीं.
रोहित ने आगे कहा, आप टीम को पहले रखने की कोशिश करते हैं, देखते हैं कि टीम को क्या चाहिए, और उसके अनुसार निर्णय लेते हैं. कभी-कभी यह काम करता है, कभी-कभी नहीं, बस यही होता है. आप जो भी निर्णय लेते हैं, उसकी सफलता या सही होने की कोई गारंटी नहीं होती. आप बस वही करते हैं जो टीम के लिए सबसे अच्छा लगता है.
रोहित ने ये भी कहा, जब से मैंने राष्ट्रीय टीम की कप्तानी शुरू की है, सिर्फ मैं ही नहीं, मैं चाहता हूं कि बाकी खिलाड़ी भी ऐसा ही सोचें – टीम को प्राथमिकता दें और टीम के लिए जो जरूरी है वो करें और मेरे रन, मेरे स्कोर और इस तरह की चीजों के बारे में ज्यादा चिंता न करें. यह जरूरी है क्योंकि आप एक टीम स्पोर्ट खेल रहे हैं.
रोहित शर्मा ने 2024-25 सीजन के दौरान अपने करियर के सबसे खराब दौर में से एक का सामना किया. उन्होंने 15 पारियों में 10.83 की औसत से सिर्फ 164 रन बनाए. रोहित बांग्लादेश और न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज के दौरान खराब फॉर्म में थे, जिसमें भारत 0-3 से हार गया था. यह देखना दिलचस्प होगा कि रोहित शर्मा को 20 जून से शुरू होने वाली आगामी पांच टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए चुना जाएगा या नहीं.

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