विकासनगर((आरएनएस)। चैत्रीय नवरात्र की रामनवमी पर रविवार को विकासनगर में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की ओर से पथ संचलन निकाला गया। कोतवाली रोड स्थित एनफील्ड लॉन से निकाले गए पथ संचलन का स्थानीय लोगों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। पथ संचलन सैयद रोड, डाकपत्थर तिराहे से मुख्य बाजार, संघ कार्यालय, 28 फिटा रोड रोड, अस्पताल रोड, काली माता मंदिर होता हुए एनफील्ड लॉन में वापस पहुंचकर समाप्त हुआ। स्वयं सेवकों और स्थानीय लोगों को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता जिला प्रचारक सौरभ ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक की स्थापना सन 1925 में हुई, तब हमारा देश पराधीन था। उस समय दो धाराएं थीं। एक धारा अहिंसावादी थी जिसका नेतृत्व गांधी कर रहे थे। दूसरे आंदोलन में सुभाष चंद्र बोस, भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद वीर सावरकर आदि महान क्रांतिकारी थे। मगर हमारे देश में अंग्रेजों से पहले मुगलों का शासन था। इसलिए भारत की आजादी सिर्फ आजादी रह जाती। ऐसे समय में संघ के संस्थापक डॉ. केशवराव बलिराम हेडगेवार ने चिंतन किया। हमारा देश गौरवशाली है, लेकिन मूलतत्व समाप्त हो रहा है। लिहाजा हेडगेवार ने स्वाभिमान जगाने की जरूरत समझी। उन्होंने अध्ययन किया कि यहां का मूल हिंदू संगठित नहीं हैं। ऐसा सोचते हुए 1925 में विजयादशमी के दिन नागपुर में संघ की स्थापना हुई। यही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ व्यक्ति निर्माण करता है। यह सब शाखा से संभव हो पाता है। शाखा टोली के माध्यम से हम संघ का विस्तार करते हैं। पूरे विश्व में जितने भी संगठन हैं वह बचपन से कार्यकर्ता नहीं बनाते, सिर्फ संघ में बचपन से ही जिम्मेदारी दी जाती है। बचपन से ही कूट-कूट कर संघ निर्माण की कार्यशैली डाली जाती है। संघ की शाखा में एक साथ बौद्धिक, शारीरिक कार्यक्रम होते हैं। संघ के स्वयंसेवक जाति धर्म से उठकर निस्वार्थ भाव से कार्य करते हैं, जहां पर भी आवश्यकता पड़ती है संघ के स्वयंसेवक तैयार रहते हैं। जिला प्रचारक ने कहा कि हम जिस तरह अपने जन्मदिवस के अवसर पर कुछ संकल्प लेकर अगले साल की योजना बनाते हैं, उसी तरह इस प्रभु श्रीराम के जन्मोत्सव पर सामाजिक परिवर्तन के लिए संकल्प लें। उन्होंने संघ में सामाजिक परिवर्तन के लिए सामाजिक समरसता, पर्यवारण संरक्षण व परिवार प्रबोधन विषयों को स्वयंसेवकों के व्हावहार में प्रतीत होने का आह्वान किया। पथ संचलन मे नगर संघ चालक पुष्पराज, अतर सिंह चौहान, विकास नागर, गोपाल, सुरेश ठाकुर, रविंद्र चौहान, तेजपाल आदि शामिल रहे।

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