
मसूरी/देहरादून, 15अप्रैल 2025 : पद्मश्री और पद्मभूषण से सम्मानित मशहूर लेखक रस्किन बॉन्ड ने उत्तराखंड के वनों में बढ़ती आग की घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए नागरिकों से इसे रोकने के लिए सक्रिय रूप से आगे आने की अपील की है। वन विभाग द्वारा लोगों को वनाग्नि के प्रति जागरूक करने के प्रयासों के तहत, मसूरी के डीएफओ अमित कंवर के नेतृत्व में अधिकारियों ने रस्किन बॉन्ड से मुलाकात कर इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर उनका संदेश प्राप्त किया।
रस्किन बॉन्ड, जो पिछले 50 वर्षों से मसूरी में रह रहे हैं, ने वनों के विशाल महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यह अत्यंत आवश्यक है कि हमारे बहुमूल्य वन संपदा को किसी भी प्रकार की क्षति से बचाया जाए। उन्होंने सभी नागरिकों से वन विभाग के साथ पूर्ण सहयोग करने का आग्रह किया। उन्होंने कैलिफोर्निया में पिछली विनाशकारी आग का उदाहरण देते हुए कहा कि जब वनाग्नि अनियंत्रित हो जाती है तो इसके दूरगामी और भयावह परिणाम हो सकते हैं, जैसा कि लॉस एंजेलिस में देखने को मिला था।
लेखक ने वर्तमान में बढ़ते तापमान और शुष्क मौसम के कारण वनों में आग लगने की उच्च संभावना पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इस खतरे को कम करने के लिए सभी को सतर्क रहना होगा और वनाग्नि की रोकथाम के लिए वन विभाग के हर संभव प्रयास में साथ देना होगा। रस्किन बॉन्ड ने उम्मीद जताई कि मौसम का चक्र सामान्य रहेगा और जुलाई में अपेक्षित बारिश शुरू हो जाएगी, जिससे वनाग्नि से होने वाले व्यापक नुकसान को कम किया जा सकेगा।
अपने लंबे अनुभव साझा करते हुए रस्किन बॉन्ड ने कहा कि वनाग्नि उत्तराखंड के लिए कोई नई समस्या नहीं है। यह हर साल गर्मी के मौसम में, विशेष रूप से अप्रैल से जून के बीच, जब सूखा रहता है और तापमान में काफी वृद्धि हो जाती है, तब सामने आती है। उन्होंने बताया कि कुछ आग अचानक लगती हैं, जबकि कई बार लापरवाही और मानवीय गतिविधियां भी इसका कारण बनती हैं। उन्होंने इस बात पर दुख व्यक्त किया कि वनाग्नि के कारण हर साल बड़े पैमाने पर वन संपदा और वन्यजीवों को भारी नुकसान होता है।
रस्किन बॉन्ड की यह अपील ऐसे समय में आई है जब उत्तराखंड के विभिन्न हिस्सों से वनाग्नि की खबरें लगातार आ रही हैं। उनकी प्रतिष्ठित आवाज और वर्षों का अनुभव इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर लोगों का ध्यान आकर्षित करने और उन्हें कार्रवाई करने के लिए प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। वन विभाग भी विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को वनाग्नि के खतरों और इसे रोकने के उपायों के बारे में शिक्षित करने में जुटा हुआ है।
रस्किन बॉन्ड ने विशेष रूप से जोर दिया कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह वनों को आग से बचाने में अपना योगदान दे। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे जंगल में आग लगने की किसी भी घटना को तुरंत वन विभाग को सूचित करें और स्वयं भी आग बुझाने के प्रयासों में सतर्कता और जिम्मेदारी के साथ सहयोग करें। उनका मानना है कि सामूहिक प्रयासों से ही उत्तराखंड के कीमती वनों को बचाया जा सकता है और पर्यावरण संतुलन को बनाए रखा जा सकता है।

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