सतपुली: आतंक का पर्याय बना गुलदार पिंजरे में कैद

एक मासूम को निवाला तो एक को किया था घायल

पौड़ी/सतपुली (एजेंसी) नगर पंचायत सतपुली के वार्ड 4 मल्ली सतपुली में दहशत का पर्याय बने गुलदार को पिंजरे में कैद कर लिया गया है।बीते बुधवार को वन विभाग की ने देर रात गुलदार को ट्रैंकुलाइल कर पिंजरे में कैद करने में सफलता हासिल की। वहीं विभाग ने क्षेत्र से पिंजरे हटा दिए हैं। सतपुली मल्ली में गुलदार ने बीते दिन नेपाली मूल के दो मासूम बच्चों पर हमला किया था। जिसमें से एक 3 साल के मासूम को गुलदार ने निवाला बना लिया था। इस घटना के दो दिन बाद गुलदार एक बच्चे को घायल कर दिया था। मल्ली सतपुली सहित कुल्हाड और आसपास के क्षेत्र में रह रहे लोगो मे डर बना हुआ था। ग्रामीणों ने राष्ट्रीय राजमार्ग जाम कर वन विभाग से गुलदार को नरभक्षी घोषित करने की मांग की थी।
जिसके चलते वन विभाग की टीम ने यह कार्रवाई की। यह ऑपरेशन वन्यजीव विशेषज्ञ पशु चिकित्साधिकारी डा. अमित ध्यानी, डा. प्रदीप मिश्रा के नेतृत्व में किया गया। वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि अभी भी क्षेत्र में दो और गुलदार दिखाई दे रहे है। डीएफओ आकाश गंगवार ने बताया कि विभाग की टीम आगे भी ट्रैंकुलाइल करती रहेगी। विभाग के अफसरों के मुताबिक पकड़े गए गुलदार को हरिद्वार ले जाया जा रहा है। जहां इसकी जांच की जाएगी। वहीं एआईसीसी के सदस्य कांग्रेसी नेता राजपाल बिष्ट ने मल्ली सतपुली में वन विभाग के द्वारा जल्दबाजी करने व पिंजरे हटाए जाने पर नाराजगी जताई हैं। कहा कि अभी लोगों में भर का माहौल है और अभी आसपास गुलदार देखे जा रहे हैं। उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी सतपुली पुष्पेंद्र राणा ने भी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि सतपुली बाजार में अभी गुलदार की चहलकदमी देखी जा रही है। इसलिए पिंजरे हटाना गलत है।

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