
पौड़ी। बेटियों की शिक्षा और उनके उज्जवल भविष्य को सुनिश्चित करने के लिए पौड़ी में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग की जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक हुई। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।
आर्थिक मदद और एक्सपोजर विजिट
बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि 12वीं के बाद कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण पढ़ाई छोड़ने वाली मेधावी बालिकाओं को आगे की पढ़ाई के लिए आर्थिक मदद दी जाएगी। उन्होंने ‘अफसर बिटिया’ कार्यक्रम के तहत करियर काउंसलिंग और स्वास्थ्य संबंधी कार्यशालाएं आयोजित करने के भी निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि बालिकाओं की रुचि के अनुसार उन्हें एक्सपोजर विजिट पर ले जाया जाए, ताकि वे पारंपरिक और गैर-पारंपरिक क्षेत्रों में रोजगार व स्वरोजगार के अवसरों से परिचित हो सकें।
ब्रांड एंबेसडर और वोकेशनल ट्रेनिंग
इसके अलावा, जिलाधिकारी ने बेहतर प्रदर्शन करने वाली बालिकाओं को ब्रांड एंबेसडर बनाने का निर्देश दिया, ताकि अन्य लड़कियां उनसे प्रेरित हो सकें। उन्होंने वोकेशनल ट्रेनिंग के लिए भी विशेष कार्यक्रम चलाने को कहा। साथ ही, स्कूल छोड़ने वाली लड़कियों को फिर से शिक्षा से जोड़ने के लिए अभियान चलाने का निर्देश दिया गया।
अन्य महत्वपूर्ण निर्देश
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी को टेली मानस (मानसिक स्वास्थ्य सहायता नेटवर्क) का व्यापक प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया गया। जिला कार्यक्रम अधिकारी देवेंद्र थपलियाल ने बताया कि आपदा में कई आंगनबाड़ी भवन क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिस पर जिलाधिकारी ने उनकी मरम्मत/पुनर्निर्माण के लिए तत्काल सूची भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने मॉडल आंगनबाड़ी केंद्रों में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ की थीम पर बच्चों को यूनिफॉर्म देने के लिए भी कहा, ताकि स्थानीय स्तर पर जागरूकता बढ़ाई जा सके।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. शिव मोहन शुक्ला, जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक रणजीत सिंह नेगी, वन स्टॉप सेंटर की केंद्र प्रशासिका लक्ष्मी रावत समेत कई अधिकारी मौजूद थे।

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