

देहरादून। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) ने कहा कि 60 वर्ष की आयु के बाद जीवन रुकता नहीं है, बल्कि यह स्वयं को नए सिरे से जानने, अपनी रुचियों को समय देने और जीवन की खुशियों को महसूस करने का अवसर है।
राज्यपाल शुक्रवार को राजपुर रोड स्थित एक होटल में ‘ट्रैवी क्लब 60’ द्वारा वरिष्ठ नागरिक दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिक अपने अनुभव और ज्ञान से समाज को दिशा देने के साथ-साथ युवाओं की ऊर्जा से जुड़कर समाज को और अधिक मजबूत बना सकते हैं। उन्होंने ऐसे आयोजन के लिए ट्रैवी क्लब का आभार व्यक्त किया।
राज्यपाल ने कहा कि परिवारों के छोटे होने और बदलती जीवनशैली के कारण वरिष्ठ नागरिकों के लिए सामाजिक जुड़ाव और संवाद पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गया है। खुशी बड़ी उपलब्धियों में नहीं, बल्कि हमारी सोच और दृष्टिकोण में निहित है। शरीर के साथ-साथ मन, मस्तिष्क और हृदय की देखभाल भी जरूरी है। इस उम्र में आत्मचिंतन और आत्मसंवाद के लिए समय निकालना चाहिए। गति का रुकना जीवन के रुकने के समान है, इसलिए अपनी क्षमता के अनुसार निरंतर सक्रिय रहना चाहिए।
उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों से अपनी हॉबी और पैशन को फिर से समय देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति के भीतर कोई न कोई प्रतिभा छिपी होती है। नई भाषा, संगीत, कला या कोई नया कौशल सीखना प्रतियोगिता के लिए नहीं, बल्कि स्वयं की खुशी के लिए होना चाहिए। वर्तमान में जीने की कोशिश करें और अपने व्यापक अनुभव को समाज व नई पीढ़ी के साथ साझा करें।
इस अवसर पर प्रथम महिला गुरमीत कौर, ट्रैवी क्लब के निदेशक अभिषेक शर्मा सहित क्लब के सदस्य और बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिक उपस्थित रहे।

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