स्वाइन फ्लू से निपटने को श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल तैयार, 50 बेड आरक्षित

आईसीयू बेड भी सुरक्षित, डॉ. जगदीश रावत बने नोडल अधिकारी

देहरादून। देहरादून में स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों के बीच श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल ने स्वाइन फ्लू संक्रमण से निपटने के लिए कमर कस ली है। अस्पताल प्रबंधन ने स्वाइन फ्लू के संदिग्ध एवं संक्रमित मरीजों के उपचार के लिए 50 बेड का विशेष वार्ड आरक्षित किया है। गंभीर मरीजों के लिए 5 आईसीयू बेड भी सुरक्षित रखे गए हैं। वहीं, वरिष्ठ पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. जगदीश रावत को स्वाइन फ्लू मामलों का नोडल अधिकारी बनाया गया है। यह जानकारी अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनिल मलिक ने दी। उन्होंने बताया कि संदिग्ध मामलों की निगरानी, जांच और उपचार को लेकर अस्पताल प्रबंधन की ओर से विशेष गाइडलाइन जारी की गई है। देहरादून में हाल के दिनों में स्वाइन फ्लू के संदिग्ध और पॉजिटिव मामले सामने आने के बाद अस्पताल ने अपनी तैयारियों को और मजबूत किया है।

गुरुवार को सीएमओ कार्यालय से एसीएमओ डॉ. राणा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल का दौरा किया। इस दौरान अस्पताल प्रबंधन की ओर से प्रतिनिधिमंडल को स्वाइन फ्लू के मामलों, उपचार व्यवस्था और अस्पताल में की गई तैयारियों की जानकारी दी गई।

श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में स्वाइन फ्लू की जांच की सुविधा भी उपलब्ध है। श्री गुरु राम राय इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल एण्ड हैल्थ साइंसेज, श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के अन्तर्गत संचालित सेंट्रल मोलीक्यूलर रिसर्च लैबोरेटरी डीएनए/आरएनए स्तर की जांच करने वाला राज्य का अग्रणी सर्टिफाइड सेंटर है। यह मरीजों़ं के लिए बड़ी राहत की बात है कि वे दून में ही स्वाइन फ्लू जांच हेतु सैम्पल अपने शहर में ही दे सकते हैं व 12 से 24 घण्टे में सैम्पल की रिपोर्ट प्राप्त कर सकते हैं।

सेंट्रल मॉलिक्यूलर रिसर्च लैबोरेटरी की डायरेक्टर डॉ. ईवा चंदोला ने बताया कि अत्याधुनिक उपकरणों और प्रशिक्षित स्टाफ की मदद से स्वाइन फ्लू की जांच की जा रही है तथा 12 से 24 घंटे में रिपोर्ट उपलब्ध कराने की सुविधा है। हाईटैक लैब में उपलब्ध हाईटेक मशीनों के माध्यम से एक दिन में लगभग 100 स्वाइन फ्लू सैंपल की जांच की जा सकती है। उन्होंने बताया कि स्थानीय स्तर पर जांच की सुविधा होने से मरीजों को रिपोर्ट के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ता और स्वाइन फ्लू की पुष्टि होने पर उपचार भी जल्द शुरू किया जा सकता है।

अस्पताल की सेंट्रल मॉलिक्यूलर रिसर्च लैबोरेटरी को नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (एनसीडीसी), नई दिल्ली द्वारा निर्धारित गाइडलाइन एवं मापदंडों के अनुरूप स्वाइन फ्लू सैंपल की जांच के लिए अनुमति प्राप्त है। लैब को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार से भी स्वीकृति प्राप्त है और एन. ए. बी. एल से एक्रीडिटेड है.अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टरों का कहना है कि स्वाइन फ्लू के मामलों में समय पर पहचान, जांच और उपचार मरीज की स्थिति को गंभीर होने से रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए अस्पताल ने बेड, आईसीयू और जांच सुविधाओं को पूरी तरह तैयार रखा है।

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