
देहरादून। उत्तराखंड को ड्रग्स फ्री बनाने के अभियान के तहत स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की एंटी नारकोटिक्स कुमाऊं यूनिट ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 129 ग्राम हीरोइन के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। थाना पुलभट्टा पुलिस के साथ संयुक्त अभियान में की गई इस कार्रवाई में बरामद हीरोइन की अंतरराष्ट्रीय कीमत करीब 38 लाख रुपये आंकी गई है। गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ उत्तर प्रदेश में पुलिस मुठभेड़ समेत कई गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
STF को मिली तकनीकी और मैनुअल इनपुट के आधार पर टीम ने सटीक कार्रवाई करते हुए पुलभट्टा क्षेत्र में जाल बिछाया और आरोपी को दबोच लिया। उसके कब्जे से 129 ग्राम अवैध हीरोइन के अलावा एक स्प्लेंडर मोटरसाइकिल भी बरामद की गई। पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि वह बरेली के कुछ तस्करों के संपर्क में था और वहां से सस्ती दरों पर हीरोइन खरीदकर कुमाऊं के पहाड़ी क्षेत्रों में ऊंचे दामों पर सप्लाई करता था।
गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान महेश मौर्य पुत्र रोशन लाल निवासी ग्राम चौनडेरा, थाना बहेड़ी, जनपद बरेली (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। उसके खिलाफ पूर्व में चोरी, लूट, हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट, दहेज उत्पीड़न और पुलिस मुठभेड़ जैसे मामलों में आठ से अधिक मुकदमे दर्ज हैं, जिससे उसका आपराधिक इतिहास काफी गंभीर माना जा रहा है।
इस कार्रवाई को मुख्यमंत्री के “ड्रग्स फ्री देवभूमि” अभियान के तहत चलाए जा रहे विशेष अभियान का हिस्सा बताया गया है। पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर STF की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स राज्यभर में नशा तस्करों के खिलाफ लगातार निगरानी और कार्रवाई कर रही है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक STF ने बताया कि मामले में आरोपी के फारवर्ड और बैकवर्ड लिंक खंगाले जा रहे हैं, ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।
कार्रवाई में STF की टीम से निरीक्षक पावन स्वरूप, उपनिरीक्षक विनोद चंद्र जोशी, आरक्षी वीरेंद्र चौहान और इसरार अहमद शामिल रहे, जबकि थाना पुलभट्टा से थानाध्यक्ष प्रदीप मिश्रा, उपनिरीक्षक दिनेश चंद्र भट्ट और आरक्षी गजेंद्र सिंह ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
STF ने आम जनता से अपील की है कि नशे से दूर रहें और किसी भी प्रकार के लालच में आकर नशा तस्करी में शामिल न हों। नशा तस्करी से जुड़ी किसी भी सूचना को तुरंत पुलिस या STF तक पहुंचाएं। इसके लिए हेल्पलाइन नंबर 0135-2656202 और 9412029536 जारी किए गए हैं, जहां सूचनाकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ड्रग्स-फ्री देवभूमि अभियान के तहत ऐसे अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे।

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