15 दिन से भूख हड़ताल पर सोनम वांगचुक की हालत नाजुक, वजन 7.8 किलो घटा, डॉक्टरों ने बढ़ाई निगरानी

दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी CJP आंदोलन के समर्थन में आमरण अनशन कर रहे सोनम वांगचुक की तबीयत 15वें दिन और बिगड़ गई। स्वास्थ्य रिपोर्ट के अनुसार उनका वजन 7.8 किलो घट चुका है और ब्लड प्रेशर लगातार सामान्य से नीचे बना हुआ है।

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर परीक्षा प्रणाली में सुधार, पेपर लीक की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का आंदोलन रविवार को 23वें दिन भी जारी रहा। इस आंदोलन के समर्थन में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पिछले 15 दिनों से आमरण अनशन पर हैं। लगातार उपवास के कारण उनकी सेहत में गिरावट दर्ज की जा रही है।

ताजा स्वास्थ्य रिपोर्ट के मुताबिक, सोनम वांगचुक का ब्लड प्रेशर घटकर 104/66 रह गया है। वहीं, अनशन शुरू होने के बाद से उनका कुल वजन 7.8 किलोग्राम कम हो चुका है। चिकित्सकों की टीम नियमित रूप से उनकी जांच कर रही है और स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखे हुए है।

पिछले कुछ दिनों के मेडिकल रिकॉर्ड भी उनकी बिगड़ती स्थिति की ओर इशारा करते हैं। अनशन के 11वें दिन उनका ब्लड प्रेशर 103/68 और ब्लड शुगर 75 दर्ज की गई थी, जबकि उस समय तक उनका वजन 7 किलोग्राम से अधिक घट चुका था। 14वें दिन जारी रिपोर्ट में ब्लड प्रेशर 106/74 और वजन में 7.5 किलोग्राम की कमी दर्ज की गई थी। अब 15वें दिन वजन घटकर 7.8 किलोग्राम हो गया है और ब्लड प्रेशर फिर नीचे आ गया है।

आयोजकों का कहना है कि लंबे समय से केवल तरल पदार्थों के सहारे अनशन जारी रहने के कारण इसका असर शरीर पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। डॉक्टरों का दल लगातार उनकी स्वास्थ्य स्थिति की निगरानी कर रहा है।

सोनम वांगचुक ने 28 जून को जंतर-मंतर पर आमरण अनशन शुरू किया था। उन्होंने पहले ही घोषणा की थी कि यदि छात्रों की मांगों पर सरकार गंभीरता से विचार नहीं करती है तो वह अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल करेंगे। उनका कहना था कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और छात्रों की आवाज को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से उठाना इस आंदोलन का प्रमुख उद्देश्य है।

उधर, CJP का धरना-प्रदर्शन लगातार जारी है। आंदोलनकारी परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार, पेपर लीक के मामलों में कड़ी कार्रवाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए हैं। आंदोलन स्थल पर छात्र-छात्राओं के अलावा विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि भी पहुंचकर अपना समर्थन जता रहे हैं।

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