देहरादून – एसटीएफ उत्तराखण्ड की साइबर क्राईम पुलिस टीम ने डिजिटल अरेस्ट स्कैम का पर्दाफाश करते हुए मुख्य अभियुक्त किरण कुमार को बैंगलौर से गिरफ्तार किया है। इस स्कैम में बसंत विहार देहरादून निवासी एक वरिष्ठ नागरिक को साइबर ठगों द्वारा डिजिटल हाउस अरेस्ट कर करीब 60 लाख रुपये की धनराशि ठगे जाने का मामला सामने आया था।
एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह ने बताया कि अभियुक्त किरण कुमार ने यस बैंक खाता संख्या 099026900000152 में धोखाधडी में प्रयुक्त किये जा रहे बैंक खाते के विरुद्ध देश भर के विभिन्न राज्यों की कुल 24 शिकायतें दर्ज होना पायी गयी तथा उक्त खाते में 9 करोड़ से अधिक धनराशि का संदिग्ध लेन देन पाया गया।
अभियुक्त किरण कुमार ने अज्ञात साईबर अपराधियों के साथ मिलकर पीड़ित को मुम्बई साईबर क्राईम तथा सीबीआई अधिकारी बनकर तथा उनके नाम पर खोले गये केनरा बैंक के खाते में करोडो रूपये का लेनदेन होना बताया था। पीड़ित को उनके विरूद्ध मनी लाण्ड्रिंग के तहत केस दर्ज होने की बात भी कही गयी थी।
एसटीएफ ने अभियुक्त किरण कुमार के पास से फर्म RAJESHWARI GAK ENTERPRISE, AXIS BANK, खाता संख्या 110099026900000152, की चेक बुक, मोबाइल फोन, सिम कार्ड, लैपटॉप आदि बरामद किया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ ने बताया कि अभियुक्त किरण कुमार ने पीड़ित को डिजिटल हाउस अरेस्ट कर उनके सभी बैंक खातों / जमीन जायजाद का वैरिफिकेशन किये जाने की बात कहकर व्हाटसप कॉल पर ही डरा धमकाकर कानूनी कार्यवाही का भय दिखा कर डिजिटल अरेस्ट करते हुए विभिन्न खातों में गढ़वाल तथा कुमांऊं के लोगों से कुल 87 लाख रूपये स्थानान्तरित करवाये गये थे।
एसटीएफ ने बताया कि अभियुक्त किरण कुमार के विरुद्ध पूर्व में दिल्ली , साइबर पुलिस स्टेशन, कुमाऊं व देश के अन्य राज्यों में कई अभियोग पंजीकृत है तथा गृह मंत्रालय के NCRP पोर्टल पर इस यस बैंक खाते (099026900000152) से संबंधित कुल 09 करोड से अधिक फ़्रॉड को लेकर संपूर्ण भारतवर्ष में 24 से अधिक शिकायतें दर्ज हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ ने जनता से अपील की है कि अन्जान नम्बरों से आने वाली वीडियो कॉल से बात न करें, न ही कोई सूचना / दस्तावेज दें। यदि कोई आपको पुलिस, सीबीआई, ईडी आदि का अधिकारी बताकर डिजिटल अरेस्ट करने को डराये धमकाये तो घबरायें नहीं, कोई भी एजेन्सी ऑनलाईन गिरफ्तार नहीं करती है।

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